Mumbai News: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित प्रसिद्ध ‘टाटा मुंबई मैराथन’ के दौरान अपनी ही एक महिला सहकर्मी का पीछा करने के बेहद गंभीर आरोप में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी सैन्य अधिकारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में सख्त एक्शन लिया है।
मुंबई की आजाद मैदान पुलिस ने रविवार को इस संवेदनशील मामले में सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ कानूनी केस दर्ज किया है। सैन्य अधिकारी पर गंभीर आरोप है कि उन्होंने इसी साल जनवरी महीने में आयोजित ‘टाटा मुंबई मैराथन’ के दौरान अपनी एक महिला सहकर्मी का लगातार पीछा किया था।
महिला सैन्य अधिकारी ने लगाया मैराथन में पीछा करने का आरोप
स्थानीय पुलिस ने सोमवार को इस महत्वपूर्ण एफआईआर के बारे में विस्तृत कूटनीतिक जानकारी मीडिया के साथ शेयर की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शिकायतकर्ता महिला भी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के ऊंचे पद पर तैनात हैं और वह एक ‘सिंगल मदर’ हैं।
पीड़ित महिला अधिकारी ने अपनी लिखित शिकायत में बताया कि जब वह 18 जनवरी को मुंबई मैराथन की दौड़ में हिस्सा ले रही थीं, तब आरोपी अफसर ने जबरन उनके करीब आने और उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी। महिला ने इस हरकत पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई थी।
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक तस्वीरें पोस्ट कर छवि खराब की
इस आधिकारिक शिकायत में यह बात भी प्रमुखता से सामने आई है कि आरोपी सैन्य अधिकारी ने कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शिकायतकर्ता के साथ अपनी कुछ तस्वीरें भी अपलोड की थीं। महिला अफसर का आरोप है कि आरोपी ने यह कदम केवल उनकी सार्वजनिक छवि को धूमिल करने के इरादे से उठाया था।
सैन्य विभाग से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले की शिकायत सबसे पहले कोलकाता पुलिस को एक ऑफिशियल ईमेल के जरिए प्राप्त हुई थी। इसके बाद घटना का मुख्य कार्यक्षेत्र मुंबई होने के कारण इस शिकायत को मुंबई के आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में तुरंत ट्रांसफर कर दिया गया।
आरोपी अधिकारी के खिलाफ देहरादून में भी मुकदमे पेंडिंग
इसी शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 73 (स्टॉकिंग यानी पीछा करना) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित महिला अफसर ने आरोपी के खिलाफ इससे पहले भी शिकायतें की हैं।
महिला अधिकारी ने साल 2023 और 2025 में देहरादून में भी आरोपी अफसर के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराए थे। जानकारी के मुताबिक, आरोपी सैन्य अधिकारी फिलहाल इनमें से एक पुराने मामले में कोर्ट से जमानत पर बाहर है और उसकी जमानत रद्द करने की कानूनी कार्यवाही अभी कोर्ट में पेंडिंग है।

