Chandigarh News: सरकार ने देश को दलहन उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक (डीजी एग्रीकल्चर) को अब राज्य का नया स्टेट मिशन डायरेक्टर (पल्सेज मिशन) नियुक्त किया गया है, जो इस पूरे प्रोजेक्ट की कमान संभालेंगे।
पांच वर्षीय कार्ययोजना तैयार कर किसानों को देंगे उन्नत बीज
नवनियुक्त मिशन डायरेक्टर राज्य में दालों की खेती का रकबा बढ़ाने और किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह एक मजबूत पांच वर्षीय कार्ययोजना तैयार करेंगे। इसके साथ ही वह केंद्र सरकार से मिलने वाले विशेष अनुदान का सही और प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित करेंगे।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह महत्वपूर्ण निर्णय ‘आत्मनिर्भर भारत मिशन फॉर पल्सेज’ योजना को धरातल पर मजबूती से लागू करने के लिए लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत स्टेट मिशन डायरेक्टर हर साल दालों की पैदावार और उत्पादकता बढ़ाने के लिए केंद्र के लक्ष्यों के अनुसार राज्य कार्ययोजना तैयार करेंगे।
बीज उत्पादन का पूरा रिकॉर्ड साथी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य
सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, राज्य की मिट्टी और जलवायु के अनुकूल बेहतरीन बीज किस्मों की पहचान की जाएगी। समय पर बीजों की खरीद और वितरण व्यवस्था को बेहतर करने के लिए कृषि अनुसंधान संस्थानों, राष्ट्रीय सीड हब और प्रमाणित बीज उत्पादकों के साथ एक मजबूत समन्वय स्थापित किया जाएगा।
बीज उत्पादन और वितरण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सारा डाटा ‘साथी’ पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा एक एडवांस ‘सीड रोलिंग प्लान’ भी बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में किसानों के सामने किसी भी प्रकार के संकट या बीजों की कमी की स्थिति पैदा न हो।
किसानों को जागरूक करने के लिए हर साल कम से कम एक राज्य स्तरीय बड़ा दाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विशेष कार्यशालाओं के जरिए किसानों तक खेती की नई तकनीक, उन्नत किस्मों और आधुनिक तौर-तरीकों की आवश्यक जानकारी पहुंचाई जाएगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।

