Delhi News: भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने देश के सबसे गुप्त सैन्य अभियानों में से एक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर बड़ा खुलासा किया है। सरकार ने इस बेहद गोपनीय ऑपरेशन में सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह अमर जांबाजों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर जारी किए हैं।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ था ऑपरेशन
इस पूरे बड़े सैन्य घटनाक्रम की कहानी जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ी है। वहां आतंकियों ने कायराना ढंग से हमला करके 26 निर्दोष नागरिकों की जान ले ली थी। इस नरसंहार का करारा जवाब देने के लिए देश की सुरक्षा एजेंसियों ने यह रणनीति बनाई थी।
देश के आला कमान के निर्देश पर भारतीय सेना और वायु सेना ने एक संयुक्त जवाबी कार्रवाई शुरू की। सैनिकों ने सीमा पार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में घुसकर आतंकियों के कई ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस जवाबी कार्रवाई को रक्षा मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया था।
उजड़े सुहाग का बदला लेने के लिए रखा गया नाम
इस खास सैन्य ऑपरेशन का नाम ‘सिंदूर’ रखने के पीछे एक बेहद गहरा और भावुक संदेश छिपा था। पहलगाम आतंकी हमले में कई बेकसूर पतियों की मौत हुई थी। उन अभागन महिलाओं के उजड़े सुहाग और मिटे सिंदूर का बदला लेने के लिए ही इस पूरे मिशन का नाम यह रखा गया था।
इस जवाबी हमले के बाद सीमा पार भी भारी बौखलाहट देखी गई थी। दोनों देशों की सेनाओं के बीच कई दिनों तक भयंकर हवाई झड़पें और भारी गोलाबारी चलती रही। इस भीषण और रोंगटे खड़े कर देने वाले सैन्य संघर्ष में भारत मां के छह वीर जवानों ने देश के लिए अपनी जान न्योछावर की थी।
ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए छह वीरों की सूची
इस ऐतिहासिक ऑपरेशन में अद्भुत वीरता दिखाते हुए वीरगति पाने वाले जांबाजों में सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मुरली नाइक और हवलदार सुनील कुमार सिंह शामिल हैं। इसके साथ ही वायु सेना के जांबाज सार्जेंट सुरेंद्र कुमार ने भी अपनी शहादत दी थी।
त्याग चक्र की दीवारों पर सुनहरे अक्षरों में दर्ज होंगे नाम
अब इन सभी परमवीरों के नाम हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में और देश के दिल में दर्ज होने जा रहे हैं। नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल का सबसे पवित्र हिस्सा ‘त्याग चक्र’ देश के वीर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को समर्पित है। इस चक्र में ग्रेनाइट की 16 विशाल गोलाकार दीवारें बनाई गई हैं।
आजादी के बाद से लेकर अब तक देश की रक्षा करते हुए अपनी जान न्योछावर करने वाले हर एक सैनिक का नाम, उनका रैंक और उनकी यूनिट का विवरण इन दीवारों पर लगी ईंटों पर बहुत ही सम्मान के साथ खुदा हुआ है। अब बहुत जल्द ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के ये छह जांबाज भी इस भव्य स्मारक का एक स्थायी और गौरवशाली हिस्सा बन जाएंगे।

