हिमाचल प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों का बढ़ा इंतजार, ट्रायल के दौरान माइलेज टेस्ट में फेल हुई नई ई-बस

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Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के बेड़े में शामिल होने वाली नई इलेक्ट्रिक बसों के लिए जनता का इंतजार और बढ़ गया है। निगम द्वारा करवाए गए दोबारा ट्रायल में एक रूट पर बस फेल साबित हुई है। इस रूट पर बस तय की गई माइलेज सीमा को पूरा नहीं कर सकी है।

खराब सड़क के तर्क को निगम ने किया खारिज

निगम प्रबंधन ने टेंडर की शर्तों का हवाला देते हुए बसों की डिलीवरी लेने से साफ इनकार कर दिया है। दूसरी ओर कंपनी ने तर्क दिया है कि सड़क की हालत बेहद खराब होने की वजह से माइलेज कम आई है। हालांकि परिवहन निगम इस दलील को मानने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है।

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सड़क की स्थिति जांचने के लिए बनी तकनीकी टीम

विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के अधिकारियों ने अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन से मुलाकात की है। मामले को सुलझाने के लिए निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने लोक निर्माण विभाग को एक पत्र लिखा है। अब लोक निर्माण विभाग की तकनीकी टीम इस सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी।

सोलन से परवाणु वापस भेजी गईं नई बसें

निगम प्रबंधन के सख्त रुख को देखते हुए कंपनी ने बड़ा कदम उठाया है। पहले सोलन स्थित परिवहन निगम की वर्कशॉप में भेजी गई 100 बसों को अब वापस परवाणु शिफ्ट कर दिया गया है। कुल 15 रूटों पर दोबारा ट्रायल हुआ था, जिसमें से 14 रूटों पर प्रदर्शन सफल रहा।

करोड़ों रुपये के टेंडर की समय सीमा समाप्त

ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड को साल 2025 में 424.01 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था। इसके तहत कुल 297 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जानी हैं। कंपनी को 11 महीने में 50 प्रतिशत बसों की डिलीवरी करनी थी। कंपनी तय समय सीमा के भीतर आधी बसें सौंपने के अपने वादे में पूरी तरह विफल रही है।

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