निशानेबाजी के ‘द्रोणाचार्य’ जसपाल राणा का निधन, मनु भाकर के गुरु की विदाई से शोक में डूबा खेल जगत

- Advertisement -

Dehradun News: भारतीय निशानेबाजी के इतिहास के सबसे चमकते सितारे, अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री विजेता जसपाल राणा का दुखद निधन हो गया है। उनके पार्थिव शरीर को देहरादून स्थित उनके निजी आवास पर लाया गया है। इस महान खिलाड़ी और कोच के जाने से खेल जगत में शोक की लहर है।

जसपाल राणा ने देश को मनु भाकर, सौरभ चौधरी और अनीश भानवाला जैसे कई विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी दिए हैं। उत्तराखंड के टिहरी जिले में जन्मे जसपाल राणा को खेल में उनके अतुलनीय योगदान के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। उनका जाना एक अपूरणीय क्षति है।

- Advertisement -

क्षतिग्रस्त पिस्तौल से जीता था स्वर्ण पदक

खेल प्रेमियों के दिलों में वर्ष 1994 के हिरोशिमा (जापान) एशियाई खेलों की यादें आज भी ताजा हैं। उस ऐतिहासिक प्रतियोगिता में तकनीकी खराबी और क्षतिग्रस्त पिस्तौल होने के बावजूद जसपाल राणा ने अद्वितीय साहस दिखाया था। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर पूरे देश का मान बढ़ाया था।

अपने पूरे करियर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 600 से अधिक पदक जीतने वाले राणा ने राजनीति में भी कदम रखा था। उन्होंने साल 2009 में भाजपा के टिकट पर उत्तराखंड की टिहरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली थी।

सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि, वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार

जसपाल राणा का पार्थिव शरीर शुक्रवार रात आठ बजे जैसे ही एंबुलेंस से देहरादून स्थित आवास पर पहुंचा, वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। उनके बुजुर्ग पिता नारायण सिंह राणा अपने लाडले बेटे को अंतिम बार देखकर अपने आंसुओं को संभाल नहीं पाए। रातभर प्रशंसकों का तांता लगा रहा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी दिवंगत खिलाड़ी के घर पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। शनिवार दोपहर 12 बजे तक पार्थिव शरीर को देहरादून के पौंधा स्थित जसपाल राणा शूटिंग रेंज में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहां आम लोग श्रद्धांजलि देंगे।

इसके बाद महान निशानेबाज के पार्थिव शरीर को एक विशेष विमान के जरिए पवित्र नगरी वाराणसी ले जाया जाएगा। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा। जसपाल राणा को भारतीय खेल इतिहास में उनके अद्वितीय और ऐतिहासिक योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

Author: Harish Rawat

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles