सिंधु जल संधि जम्मू-कश्मीर के साथ सबसे बड़ा धोखा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का पाकिस्तान को करारा जवाब

Srinagar News: भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों पुरानी सिंधु जल संधि को लेकर जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस जल समझौते को राज्य की जनता के साथ सबसे बड़ा धोखा करार दिया है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इसके चलते भारत का अपनी ही नदियों पर नियंत्रण नहीं रह गया है।

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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने साफ लफ्जों में कहा कि सिंधु जल संधि कभी भी जम्मू-कश्मीर के लोगों के हित में नहीं थी। हमने शुरू से ही इस संधि का कड़ा विरोध किया है। हमारा मानना है कि यह दोनों देशों की तरफ से जम्मू-कश्मीर के साथ किया गया सबसे बड़ा अन्याय था, क्योंकि हमारा अपनी ही नदियों पर कोई अधिकार नहीं था।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने संधि को किया निलंबित

भारत ने पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के बाद इस ऐतिहासिक संधि को फिलहाल स्थगित कर दिया है। इसके बाद से ही पाकिस्तान पूरी तरह बौखलाया हुआ है। इस फैसले पर पाकिस्तान की ओर से लगातार युद्ध की धमकियां मिल रही हैं। इस पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हमारी तरफ से तनाव बढ़ाने वाली कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तानी धमकियों पर कहा कि संधि को केवल निलंबित किया गया है। दूसरी तरफ से जो युद्ध की धमकियां मिल रही हैं, मैं उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता। हमारी केंद्र सरकार पहले ही उस पर बेहद कड़ा और स्पष्ट जवाब दे चुकी है। भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।

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बिलावल भुट्टो ने दी युद्ध की गीदड़ भभकी तो सेना प्रमुख ने बुलाई बैठक

हाल ही में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारत को युद्ध की गीदड़भभकी दी थी। उन्होंने कहा था कि सिंधु जल के लिए पाकिस्तान जंग लड़ने को भी तैयार है। इस संधि पर कोई समझौता नहीं होगा। इसके बाद पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने भी कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में पानी के लिए हर जरूरी कदम उठाने का संकल्प लिया।

पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इसहाक डार ने भी इस्लामाबाद में कहा कि पाकिस्तान इस संधि को रद्द करने के भारत के फैसले को पूरी तरह खारिज करता है। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को निरंतर समर्थन दिए जाने के कारण ही सिंधु जल संधि फिलहाल स्थगित रहेगी।

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