कोलकाता में मचे सियासी घमासान के बीच फिरहाद हकीम का इस्तीफा, क्या दोबारा मेयर बनेंगे शोभन चटर्जी?

West Bengal News: कोलकाता के मेयर पद से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम के अचानक इस्तीफे के बाद नगर निगम में भारी राजनीतिक अनिश्चितता पैदा हो गई है। इस बड़े संकट से उबरने और नए नेतृत्व पर फैसला करने के लिए टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आज दोपहर तीन बजे ईएम बाइपास स्थित तृणमूल भवन में एक बेहद महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक बुलाई है।

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कोलकाता नगर निगम (KMC) पर साल 2010 से ही तृणमूल कांग्रेस का लगातार कब्जा रहा है। मौजूदा नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल इसी साल दिसंबर में समाप्त होने जा रहा है। अगर यह बोर्ड बरकरार रहता है, तो शहर का अगला मेयर कौन बनेगा, इस पर अंतिम मुहर लगाने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद इस बैठक में रणनीति तय करेंगी।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस अहम बैठक में कोलकाता नगर निगम के सभी टीएमसी पार्षदों और वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल पार्टी के भीतर पूर्व मेयर शोभन चटर्जी को दोबारा इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चाएं सबसे ज्यादा जोर पकड़ रही हैं।

दूसरी तरफ, फिरहाद हकीम के हटने के बाद कोलकाता नगर निगम के कामकाज को लेकर भारी असमंजस की स्थिति बन गई है। इस बीच राज्य सरकार ने नगर निगम को एक आधिकारिक पत्र भेजकर पूछा है कि मौजूदा बोर्ड को तुरंत भंग क्यों न कर दिया जाए। सरकार ने इस नोटिस का जवाब देने के लिए केवल तीन दिनों का समय दिया है।

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नए मेयर की नियुक्ति के लिए केएमसी के बदले नियम आएंगे काम

सरकार के कड़े रुख के बाद तृणमूल कांग्रेस नए मेयर की नियुक्ति को लेकर काफी सक्रिय हो गई है। हालांकि शोभन चटर्जी वर्तमान में पार्षद नहीं हैं, लेकिन कोलकाता नगर निगम के नए नियमों के तहत शहर का कोई भी नागरिक मेयर बन सकता है। बशर्ते उसे पद संभालने के छह महीने के भीतर चुनाव जीतकर पार्षद बनना होगा।

पार्टी के सामने एक व्यावहारिक चुनौती यह भी है कि मौजूदा बोर्ड का कार्यकाल अगले छह महीनों में खत्म हो रहा है। ऐसे में शोभन चटर्जी की संभावित वापसी को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं। वहीं, टीएमसी का एक धड़ा वर्तमान डिप्टी मेयर अतिन घोष या मेयर परिषद के किसी वरिष्ठ सदस्य को यह कमान सौंपने के पक्ष में है।

सोमवार को दिल्ली में होने वाली विपक्षी आइएनडीआइए (INDIA) गठबंधन की अहम बैठक में रवाना होने से पहले ममता बनर्जी का यह मंथन बेहद खास माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक ही कोलकाता नगर निगम की भावी सत्ता व्यवस्था और नए नेतृत्व की दिशा तय करेगी।

Author: Sourav Banerjee

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