Kupwara News: जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना ने तबाह किया आतंकी ठिकाना, भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद

Kupwara News: जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में सुरक्षा बलों ने आतंकियों के एक बड़े ठिकाने का पर्दाफाश किया है। भारतीय सेना ने खुफिया जानकारी के आधार पर केरन सेक्टर में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों को भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और जंग में इस्तेमाल होने वाला सामान मिला है।

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भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स ने इस पूरे ऑपरेशन की आधिकारिक जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की है। सेना के मुताबिक ६ जुलाई को मिले विशेष इनपुट के बाद सुरक्षा बलों ने इस पूरे इलाके की घेराबंदी की थी। इसके बाद चले सघन सर्च ऑपरेशन में आतंकियों का ठिकाना पकड़ा गया।

केरन सेक्टर में मिले एके सीरीज राइफल्स और हैंड ग्रेनेड

सेना ने इस गुप्त ठिकाने से पांच एके सीरीज राइफल्स और नौ मैगजीन बरामद की हैं। इसके साथ ही एक हैंड ग्रेनेड और भारी मात्रा में कारतूस भी सुरक्षाबलों के हाथ लगे हैं। इस बरामदगी से साफ है कि आतंकी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे।

सुरक्षा बलों ने पूरे केरन सेक्टर में चौकसी और ज्यादा बढ़ा दी है। सीमा के पास के जंगली इलाकों में अतिरिक्त सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। चिनार कॉर्प्स के इस सफल ऑपरेशन ने आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है और स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है।

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ग्रामीणों ने पिछले महीने पकड़ा था पीओके का घुसपैठिया

कुपवाड़ा जिला पिछले कुछ समय से लगातार सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर बना हुआ है। पिछले महीने जून में ही स्थानीय ग्रामीणों ने नियंत्रण रेखा पार करके आए एक घुसपैठिये को पकड़ा था। मुजफ्फरबाद का रहने वाला यह १९ वर्षीय युवक सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में घुस आया था।

करनाह क्षेत्र के मारी इलाके के सतर्क ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए इस युवक को तुरंत दबोच लिया था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने आरोपी युवक को सेना और पुलिस अधिकारियों के हवाले कर दिया था। सुरक्षा एजेंसियां इस युवक से लगातार पूछताछ कर खुफिया जानकारी जुटा रही हैं।

त्रेहगाम सैन्य शिविर में तीन महीने पहले हुई थी फायरिंग

इससे पहले २८ मार्च की रात को कुपवाड़ा के त्रेहगाम सैन्य शिविर में अचानक गोलीबारी की घटना सामने आई थी। इस हादसे में सेना के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शुरुआत में इस घटना को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।

सैन्य अधिकारियों ने बाद में स्पष्ट किया कि यह किसी साथी जवान के सर्विस हथियार से अचानक हुई फायरिंग का मामला था। सेना ने आपसी विवाद या किसी अन्य संशय की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया था। घायल जवानों का इलाज स्थानीय सैन्य अस्पताल में कराया गया था।

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