Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी महिला स्लीपर सेल के पकड़े जाने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। 38 वर्षीय बबीता उर्फ खदिजा ने पाकिस्तानी हैंडलर अबू उबेदाह से सोशल मीडिया के जरिए ऑनलाइन निकाह किया था। अबू उबेदाह को जैश सरगना मसूद अजहर का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता है।
बबीता को 20 जून को राजस्थान एटीएस और सेना की इंटेलिजेंस विंग ने एक संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया था। वह सवाई माधोपुर की मूल निवासी है और पिछले कुछ समय से अपने परिवार के साथ जयपुर में रह रही थी। पूछताछ में बबीता ने स्वीकार किया है कि वह भारत में महिला स्लीपर सेल तैयार करने में जुटी थी।
ऑनलाइन ब्रेनवॉश और धर्म परिवर्तन की पूरी कहानी
अधिकारियों के अनुसार, बबीता करीब दो साल पहले तलाक के बाद आतंकियों के संपर्क में आई। पहलगाम हमले के बाद उसने पाकिस्तानी आतंकियों के बारे में इंटरनेट पर पढ़ना शुरू किया था। धीरे-धीरे हैंडलर्स ने उसका ब्रेनवॉश किया, जिसके बाद उसने ऑनलाइन मौलवी से कलमा पढ़ा, धर्म परिवर्तन किया और अपना नाम बदलकर खदिजा रख लिया।
एटीएस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि बबीता व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लगातार जैश के संपर्क में थी। पाक हैंडलर्स ने उसे सऊदी अरब या यूएई के रास्ते पाकिस्तान आने की सलाह दी थी। वह पाकिस्तान जाकर अपने ऑनलाइन पति अबू उबेदाह के साथ रहने की योजना बना रही थी और इसी के लिए पासपोर्ट बनवाने की कोशिश कर रही थी।
पुलिस रिमांड और जांच का अगला चरण
वर्तमान में बबीता 27 जून तक पुलिस रिमांड पर है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उसे अपनी देशविरोधी गतिविधियों पर कोई पछतावा नहीं है। एटीएस ने उसके मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। जांच में कई संदिग्ध पाकिस्तानी मोबाइल नंबर सामने आए हैं, जो उसके नेटवर्क का खुलासा कर सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
यह मामला भारत में ऑनलाइन कट्टरपंथ और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। बबीता के जरिए और कितनी महिलाएं या अन्य लोग इस आतंकी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं, इस दिशा में भी राजस्थान एटीएस और केंद्रीय एजेंसियां काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में जांच से कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

