भारत ने बनाया इतिहास, कलपक्कम में परमाणु ऊर्जा से चलने वाला दुनिया का पहला हाइड्रोजन सेंटर शुरू हुआ।

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Kalpakkam News: भारत ने क्लीन एनर्जी और एडवांस न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के सेक्टर में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। परमाणु ऊर्जा विभाग ने शुक्रवार को कलपक्कम के इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र में न्यूक्लियर एनर्जी से चलने वाले दुनिया के पहले हाइड्रोजन प्रोडक्शन सेंटर को सफलतापूर्वक स्थापित किया है।

इस एडवांस सेंटर को मुख्य रूप से एक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर के तौर पर सेटअप किया गया है। इसका असली मकसद भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी), मुंबई द्वारा स्वदेशी रूप से डेवलप कॉपर-क्लोरीन थर्मोकेमिकल प्रोसेस का इस्तेमाल करके परमाणु ऊर्जा से हाइड्रोजन बनाने की पूरी तकनीक को टेस्ट करना है।

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परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अजीत कुमार मोहंती ने किया उद्घाटन

इस ऐतिहासिक केंद्र का उद्घाटन परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अजीत कुमार मोहंती ने किया। इस खास मौके पर इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (आईजीसीएआर) के डायरेक्टर श्रीकुमार जी. पिल्लई भी मौजूद रहे। इस प्रोजेक्ट से देश को बड़ा फायदा मिलेगा।

आईजीसीएआर के मुताबिक, यह बड़ी अचीवमेंट एडवांस न्यूक्लियर रिएक्टर्स का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर कार्बन-फ्री हाइड्रोजन प्रोडक्शन के लिए एक बेहतरीन रास्ता खोलेगी। ग्लोबल लेवल पर डेवलप हो रही तकनीकों में कॉपर-क्लोरीन थर्मोकेमिकल साइकिल को सबसे बेस्ट माना जाता है, क्योंकि इसमें कम ऑपरेटिंग टेम्परेचर की जरूरत होती है।

फास्ट रिएक्टर्स से निकलने वाली न्यूक्लियर हीट का इस्तेमाल करने की वजह से यह पूरी प्रोसेस फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता को बेहद कम कर देती है। इससे ट्रेडिशनल हाइड्रोजन प्रोडक्शन के तरीकों से होने वाले ग्रीनहाउस गैस एमिशन को पूरी तरह खत्म किया जा सकेगा। यह सेंटर कई सालों के कड़े रिसर्च का नतीजा है।

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