हिमाचल में एचआरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल रही नाकाम, सरकार के एस्मा और प्रबंधन की रणनीति के आगे झुकी यूनियन

- Advertisement -

Shimla News: हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम यानी एचआरटीसी के चालक-परिचालक यूनियन की प्रस्तावित हड़ताल पूरी तरह विफल हो गई है। निगम प्रबंधन की बहुस्तरीय रणनीति और राज्य सरकार द्वारा आवश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू करने के सख्त फैसले के आगे आंदोलनकारी कर्मचारियों की एक न चली।

दिनभर बैठकों का दौर जारी, तैयार की गई वैकल्पिक व्यवस्था

एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने स्थिति को संभालने के लिए दिनभर बैठकों का दौर जारी रखा। उन्होंने इंटक और बीएमएस के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया और सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ रूटों की समीक्षा की। जनता की सुविधा के लिए पहले ही वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था तैयार कर ली गई थी।

- Advertisement -

सभी कर्मचारी संगठनों का समर्थन न मिलना बनी बड़ी कमजोरी

इस बार आंदोलन की सबसे बड़ी कमजोरी यह रही कि चालक-परिचालक यूनियन को अन्य संगठनों का साथ नहीं मिला। इंटक के प्रदेश अध्यक्ष समर चौहान और भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने इस हड़ताल से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। संगठनों का मानना था कि हर समस्या का समाधान केवल आपसी संवाद से ही संभव है।

यूनियन अध्यक्ष पहुंचे कोर्ट, कई बड़े नेताओं के हुए तबादले

निगम प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए चालक यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह का तबादला शिमला से चंबा कर दिया, जिसके खिलाफ वह न्यायालय पहुंचे हैं। इसके साथ ही दो अन्य कर्मचारी नेताओं दीपक राज और पदम सिंह का भी दूरदराज के क्षेत्रों में तबादला कर प्रशासनिक सख्ती का बड़ा संदेश दिया गया है।

सर्व कर्मचारी महासंघ ने किया एस्मा लागू करने का कड़ा विरोध

दूसरी ओर सर्व कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और महासचिव हीरालाल वर्मा ने एस्मा लागू करने को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से उठने वाली कर्मचारियों की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए। महासंघ ने इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles