उत्तराखंड-हिमाचल बॉर्डर पर निहंगों का हंगामा शांत, प्रशासन से वार्ता के बाद खुला कुल्हाल पुल, पुलिस बल तैनात

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Uttarakhand News: उत्तराखंड के कर्णप्रयाग और नगरासू में हुए विवाद के बाद कुल्हाल बॉर्डर पर जारी तनाव अब शांत हो गया है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद निहंग गुरुवार देर रात वापस हिमाचल के पांवटा लौट गए। इसके बाद शुक्रवार शाम को दोनों राज्यों को जोड़ने वाले कुल्हाल पुल से पुलिस बैरियर हटा दिए गए।

पुल से वाहनों की आवाजाही दोबारा सामान्य रूप से शुरू हो गई है। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कुल्हाल और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बलों को तैनात रखा है। बातचीत के दौरान निहंगों ने अपने साथियों की रिहाई सहित अन्य मांगों को पूरा करने के लिए प्रशासन को दो दिन की सख्त मोहलत दी है।

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निहंगों ने मांगें पूरी करने के लिए दिया दो दिन का अल्टीमेटम

निहंगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे सोमवार को दोबारा उत्तराखंड की तरफ कूच करेंगे। हरिद्वार के एसएसपी नवनीत भुल्लर के नेतृत्व में निहंगों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में पुलिस अधिकारियों ने निहंगों को भरोसा दिलाया कि कर्णप्रयाग और नगरासू में हुई पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

इससे पहले कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग में चार दिनों तक भारी विवाद चला था। इसके बाद पंजाब से करीब डेढ़ सौ निहंग अचानक पांवटा साहिब पहुंचे थे। उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करने से रोकने पर वे भड़क गए। उन्होंने देर रात कुल्हाल बॉर्डर पर लगी मजबूत बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और जबरन उत्तराखंड की सीमा के भीतर घुस गए थे।

डीएम और एसएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया

मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार सुबह से ही बॉर्डर पर भारी तनाव का माहौल बना हुआ था। कुल्हाल पुल पर अतिरिक्त पुलिस बल और पैरामिलिट्री के जवान तैनात किए गए थे। जिले के डीएम और एसएसपी ने स्वयं सीमा पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को बेहद सख्त निर्देश जारी किए।

निहंग अपनी मांगों को लेकर अड़े हैं। वे कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग मामले में गिरफ्तार अपने चार साथियों की तुरंत रिहाई चाहते हैं। इसके साथ ही वे निहंगों से मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग कर रहे हैं। वे एम्स ऋषिकेश में भर्ती अपने घायल साथी से मिलने और चारधाम यात्रा पर न रोकने की मांग कर रहे हैं।

पंजाब से आए निहंगों के हंगामे के कारण दो दिनों तक कुल्हाल बॉर्डर पूरी तरह अशांत रहा। इस दौरान स्थानीय कुल्हाल बाजार भी पूरी तरह ठप रहा। दूसरी तरफ पुलिस ने गुरुवार रात बैरिकेडिंग तोड़ने और हंगामा करने के आरोप में अज्ञात निहंग सरदारों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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