Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों (एनसीआर) में शनिवार शाम को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई है। भारतीय समयानुसार यह कंपन शाम को ठीक 7 बजकर 4 मिनट पर रिकॉर्ड किया गया। अचानक आए इस तेज कंपन से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के मुताबिक, इस भूकंप का मुख्य केंद्र पड़ोसी देश अफगानिस्तान में जमीन से करीब 215 किलोमीटर नीचे था। इसके झटके इतने जोरदार थे कि लोग डर के मारे तुरंत अपने घरों और दफ्तरों से बाहर खुले मैदान की तरफ भागने लगे। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने अधिक कंपन महसूस किया।
भूकंप के तेज झटकों के दौरान ऐसे करें खुद का बचाव
अगर भूकंप के समय आप किसी इमारत या घर के अंदर मौजूद हैं, तो तुरंत जमीन पर बैठ जाएं। किसी मजबूत टेबल, डेस्क या भारी फर्नीचर के नीचे छिपकर उसे कसकर पकड़ लें। जब तक धरती का कंपन पूरी तरह से बंद न हो जाए, तब तक अपनी जगह से बिल्कुल न हिलें।
भूकंप के दौरान घर की खिड़कियों, शीशों, कांच के बर्तनों और बाहरी दीवारों से हमेशा दूर रहें। गिरने वाले भारी फर्नीचर, पंखों और बिजली की फिटिंग्स से दूरी बनाना बहुत जरूरी है। अगर आप उस वक्त बिस्तर पर हैं, तो वहीं रहें और अपने सिर को तकिये से अच्छी तरह ढक लें।
घर से बाहर निकलने के लिए केवल मजबूत और भार सहने वाले मुख्य दरवाजों का ही इस्तेमाल करें। किसी भी स्थिति में लिफ्ट या एलिवेटर का प्रयोग बिल्कुल न करें, क्योंकि बिजली कटने से आप उसमें फंस सकते हैं। आपातकालीन स्थिति में हमेशा सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
खुले मैदान में होने पर इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
यदि आप भूकंप के समय पहले से ही घर से बाहर हैं, तो खुले मैदान की तरफ बढ़ें और वहीं रुकें। जब तक कंपन पूरी तरह से शांत न हो जाए, तब तक सुरक्षित स्थान पर बने रहें। ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स, पेड़ों और सड़कों के पास खड़े होने से बचें।
अगर आप भूकंप के दौरान कोई गाड़ी या वाहन चला रहे हैं, तो उसे तुरंत सड़क के किनारे सुरक्षित रूप से रोक लें। वाहन के अंदर ही बैठे रहें और बाहर निकलने की जल्दबाजी न करें। ध्यान रखें कि आपकी गाड़ी किसी पुल, ओवरपास, ऊंचे पेड़ों या बिजली के तारों के नीचे न खड़ी हो।

