Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में रविवार (28 जून) को होने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस महा-अभियान के तहत पूरे प्रदेश में करीब 4,753 विशेष पल्स पोलियो बूथ स्थापित करने का बड़ा लक्ष्य रखा है।
इस राज्यव्यापी अभियान के माध्यम से पांच साल से कम उम्र के लगभग 5.94 लाख मासूम बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन की खुराक पिलाई जाएगी। स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी की अध्यक्षता में राज्य कार्य बल की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर इन सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की गई है।
प्रशासन ने बूथों पर तैनात कीं प्रशिक्षित टीमें और पर्यवेक्षक
टीकाकरण अभियान को पूरी तरह सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी जिलों के उपायुक्तों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने निर्धारित स्थानों पर जरूरी वैक्सीन, लॉजिस्टिक्स और प्रशिक्षित स्वास्थ्य टीमों की तैनाती सुनिश्चित कर दी है ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से न छूटे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक प्रदीप कुमार ठाकुर ने सभी अभिभावकों से एक विशेष अपील जारी की है। उन्होंने कहा है कि माता-पिता अपने बच्चों के पिछले टीकाकरण के स्टेटस की चिंता किए बिना उन्हें 28 जून को पास के पोलियो बूथ पर लाकर दवा जरूर पिलवाएं।
छूटे हुए बच्चों के लिए दो दिन चलेगा विशेष घर-घर अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी योजना बनाई है कि जो बच्चे रविवार को बूथ पर आने से चूक जाएंगे, उन्हें बाद में कवर किया जाएगा। ऐसे बच्चों को दवा पिलाने के लिए स्वास्थ्य टीमें 29 और 30 जून को राज्यभर में विशेष रूप से घर-घर जाकर अपनी सूची का मिलान करेंगी।
इस बड़े सामाजिक अभियान में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं, ग्राम प्रधानों और शिक्षकों का सहयोग मांगा है। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं ने अपने क्षेत्रों में सभी पात्र बच्चों की एक विस्तृत सूची पहले से ही तैयार कर ली है।
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत भले ही साल 2011 से पूरी तरह पोलियो-मुक्त हो चुका है, लेकिन वर्तमान में लगातार सतर्कता बेहद जरूरी है। हमारे पड़ोसी मुल्कों पाकिस्तान और अफगानिस्तान में वाइल्ड पोलियो वायरस के मामले अभी भी सामने आ रहे हैं, जिससे देश की सुरक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि भारत के मजबूत इम्युनिटी बैरियर को बनाए रखने में हर पल्स पोलियो राउंड संजीवनी का काम करता है। इस तरह के नियमित सुरक्षात्मक कदमों से ही खतरनाक बीमारी को देश में दोबारा आने से पूरी तरह रोका जा सकता है।

