Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशा माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस को राज्य में ‘एंटी-चिट्टा दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस दौरान प्रदेश के 10 अलग-अलग स्थानों पर वैज्ञानिक तरीके से 13.28 करोड़ रुपये के जब्त नशीले पदार्थों को एक साथ भस्मीभूत कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में मुख्य सचिव केके पंत ने इस महा-अभियान को हरी झंडी दिखाई। इस पूरी नष्टीकरण प्रक्रिया की बाकायदा वीडियोग्राफी भी की गई। राज्य के इतिहास में यह पहला मौका है जब पूरे प्रदेश में एक ही समय पर इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हुआ है।
सरकारी नौकरियों के लिए डोप टेस्ट जरूरी, स्वास्थ्य विभाग बनाएगा कड़े नियम
मुख्य सचिव केके पंत ने सचिवालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सरकार के एक बेहद अहम फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में अब सरकारी नौकरी के लिए चुने गए सभी उम्मीदवारों का डोप टेस्ट अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए जरूरी नियम तैयार कर रहा है, जिसकी अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी।
नशा तस्करों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के मामले में हिमाचल प्रदेश देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो गया है। एडीजी सीआईडी ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि पुलिस अब छोटे पैडलर्स के साथ-साथ बड़े सप्लायर्स और मुख्य सरगनाओं को दबोच रही है। पुलिस टीम ने तस्करों की काली कमाई से बनी अवैध संपत्तियों को भी जब्त किया है।
डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि देश भर में पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत होने वाली कुल कार्रवाई का लगभग एक-तिहाई हिस्सा अकेले हिमाचल पुलिस कर रही है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि राज्य में नशे के काले कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून का उल्लंघन करने वाले अपराधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

