Punjab News: हिमाचल प्रदेश सरकार के एंट्री टैक्स के खिलाफ पंजाब में आंदोलन अब बहुत तेज हो गया है। पंजाब मोर्चा के संयोजक गौरव राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की सरकार जमीनी हकीकत से पूरी तरह कट चुकी है और हवा में शासन चला रही है।
निहंग संगठनों के टैक्स अभियान से हिली सुक्खू सरकार
संयोजक गौरव राणा ने दावा किया कि कीरतपुर साहिब-मनाली नेशनल हाईवे पर निहंग सिंह संगठनों का सरबत दा भला टैक्स अभियान बेहद सफल रहा। इस बड़े एक्शन ने हिमाचल सरकार की पूरी नींद उड़ा दी है। पिछले कई महीनों से जनता की आवाज को अनसुना करने वाले मुख्यमंत्री और मंत्री अब घबराहट में लगातार बयानबाजी कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मकसद किसी पर जबरन टैक्स थोपना बिल्कुल नहीं था। इसका मुख्य उद्देश्य हिमाचल सरकार की गलत नीतियों पर सीधा प्रहार करना था। वे इसके जरिए सरकारी सिस्टम को जनता के भारी गुस्से का अहसास कराना चाहते थे, क्योंकि पिछले तीन महीनों से पंजाब के लोग इस टैक्स का लगातार कड़ा विरोध कर रहे हैं।
अदालत जाने की सलाह देने वाले सीएम अब भाग रहे पंजाब
गौरव राणा ने तंज कसते हुए कहा कि पहले जो मंत्री लोगों को अदालतों में जाने की नसीहत दे रहे थे, वे अब अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। कमाल की बात है कि महीनों तक चुप रहने वाले मुख्यमंत्री सुक्खू अब अचानक पंजाब के मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के लिए दौड़ रहे हैं, जो उनकी कमजोरी को साफ दिखाता है।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हिमाचल और केंद्र सरकार दोनों के खिलाफ इस आंदोलन को और ज्यादा आक्रामक बनाया जाएगा। हिमाचल के मंत्रियों की तसल्ली के लिए उनके पुतले फूंके जाएंगे। राष्ट्रीय राजमार्गों के मुद्दे पर संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के ढुलमुल रवैए के कारण केंद्र सरकार के खिलाफ भी प्रदर्शन किए जाएंगे।
आर-पार की लड़ाई के मूड में जनता, टिट फॉर टैट की चेतावनी
पंजाब मोर्चा को शक है कि इस टैक्स मामले में हिमाचल सरकार और अन्य संबंधित सरकारों के बीच कोई अंदरूनी साठगांठ हो चुकी है। रैसिप्रोकल टैक्स को लागू करने में हो रही अनावश्यक देरी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब आम जनता इस पूरे विवाद पर तुरंत एक स्पष्ट और बेहद ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रही है।
उन्होंने सुक्खू सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के सब्र का बांध अब टूटने वाला है। अभी तो सरकार सिर्फ निहंग सिंह संगठनों के एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन से ही बुरी तरह डर गई है, जबकि असली टैक्स का सामना करना अभी बाकी है। भेदभावपूर्ण नीतियों की वजह से अब यह बड़ा मुद्दा रुकने वाला नहीं है।
भविष्य की रणनीति पर उन्होंने कहा कि अब समय तय करेगा कि मौजूदा पंजाब सरकार क्या कदम उठाती है। यदि जरूरत पड़ी, तो पंजाब की जागरूक जनता एक ऐसी नई सरकार को चुनेगी, जो टिट फॉर टैट यानी जैसे को तैसा की मजबूत नीति को कानूनी रूप देकर हिमाचल सरकार को उसकी भाषा में करारा जवाब देगी।
Author: Gurpreet Singh

