Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य में लावारिस कुत्तों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने अब इस मामले में सीधे तौर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी नई अधिसूचना के मुताबिक आम जनता की शिकायतों का अब अधिकतम 30 दिनों के भीतर निपटारा करना अनिवार्य होगा।
इस नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग शहरी निकायों के लिए शिकायत अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। नगर निगम क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं के लिए मुख्य सफाई निरीक्षक को जिम्मेदार बनाया गया है। वहीं दूसरी ओर नगर परिषदों और नगर पालिकाओं से जुड़ी शिकायतों के लिए लोग सीधे संबंधित सफाई निरीक्षकों के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
शिकायत का समाधान न होने पर तीन स्तरों पर कर सकेंगे अपील
यदि तय समय सीमा में शिकायतों का सही समाधान नहीं होता है, या लोग दी गई रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वे उच्च अधिकारियों के सामने अपील कर सकते हैं। नगर निगम के मामलों में पहली अपील संयुक्त आयुक्त और दूसरी अपील सीधे नगर निगम आयुक्त के पास दर्ज कराई जा सकेगी।
इसी तरह नगर परिषद के मामलों में पहली अपील कार्यकारी अधिकारी (ईओ) के पास की जाएगी। यदि शिकायतकर्ता इस कार्रवाई से भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होता है, तो वह जिला नगर आयुक्त (डीएमसी) के समक्ष अपनी दूसरी अपील दायर कर सकता है। इस त्रिस्तरीय व्यवस्था से काम में तेजी आने की उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद राज्य सरकार ने लिया फैसला
नगर पालिका क्षेत्रों में शिकायत का निपटारा न होने पर नागरिक पहली अपील नगर पालिका सचिव के पास करेंगे। वहां भी सुनवाई न होने पर अंतिम और दूसरी अपील जिला नगर आयुक्त के पास की जा सकेगी। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी लावारिस कुत्तों की समस्या पर राज्यों को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
सर्वोच्च न्यायालय के उसी कड़े रुख को देखते हुए हरियाणा सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को तुरंत कानूनी रूप से लागू कर दिया है। अब देखना यह होगा कि जमीनी स्तर पर इस नई अधिसूचना का कितना असर होता है और आम जनता को लावारिस कुत्तों के आतंक से कितनी जल्दी और कितनी राहत मिल पाती है।

