हरियाणा में अब एक फ्लोर पर बनेगा सिर्फ एक फ्लैट, सरकार ने बिल्डिंग कोड बदलने के लिए जारी किया ड्राफ्ट

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Chandigarh News: दिल्ली की आगजनी की घटना के बाद हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने बहुमंजिला आवासीय भवनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदम उठाया है। विभाग ने हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 में संशोधन का प्रारूप पेश किया है। इसके तहत भविष्य में हर मंजिल पर केवल एक स्वतंत्र ड्वेलिंग यूनिट ही बन सकेगी।

शहरी सुरक्षा और राहत कार्यों को मजबूत करने का बड़ा प्रयास

सरकार का मानना है कि शहरों में एक ही फ्लोर पर कई फ्लैट बनने से आबादी स्वीकृत क्षमता से अधिक हो जाती है। इसके कारण आग या भूकंप जैसी आपातकालीन स्थितियों में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना मुश्किल होता है। अधिक भीड़ होने से प्रशासन के राहत और बचाव कार्यों में भी भारी बाधा आती है।

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बढ़ती आबादी से रिहायशी इलाकों में बढ़ा बड़ा सुरक्षा खतरा

गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे बड़े शहरों में एक मंजिल को कई फ्लैटों में बांटने का चलन बढ़ा है। इससे बिल्डिंग निर्माण के समय तय किए गए पार्किंग, ड्रेनेज और वेंटिलेशन जैसे सुरक्षा मानक प्रभावित होते हैं। निर्धारित सीमा से अधिक लोगों के रहने से किसी भी हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

जानिए क्या होगा नया नियम और चार मंजिला भवनों का गणित

नए प्रस्ताव के अनुसार यदि किसी प्लॉट पर चार मंजिल बनाने की अनुमति है, तो वहां अधिकतम चार ही घर बन सकेंगे। एक ही मंजिल को दो या उससे अधिक अलग फ्लैटों में विभाजित करने की मंजूरी नहीं मिलेगी। सभी निर्माण संबंधित क्षेत्र के जोनिंग प्लान और आर्किटेक्चरल कंट्रोल के नियमों के तहत ही करने होंगे।

बिल्डिंग कोड में तकनीकी बदलाव और नियमों को सरल बनाने की तैयारी

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक अमित खत्री द्वारा जारी ड्राफ्ट में कुछ तकनीकी बदलाव भी शामिल हैं। इसमें बिल्डिंग कोड की प्रस्तावना को हटाने और एक्ट की परिभाषा से जुड़े पुराने प्रावधान को समाप्त करने का प्रस्ताव है। विभाग इन संशोधनों के जरिए नियमों को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाना चाहता है।

25 जुलाई तक आम जनता और बिल्डर्स दे सकते हैं सुझाव

हरियाणा बिल्डिंग कोड राज्य में निर्माण के लिए सबसे मुख्य नियमावली है। सरकार ने इस नए नियमों के मसौदे को पूरी तरह सार्वजनिक कर दिया है। आम नागरिकों, बिल्डरों और आर्किटेक्ट्स को अपने सुझाव या आपत्तियां भेजने के लिए 25 जुलाई तक का समय दिया गया है। इसके बाद ही नियम लागू होगा।

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