New Delhi News: भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘समग्र शिक्षा’ कार्यक्रम के तहत हरियाणा के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने राज्य के लिए 1,639.02 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्य योजना और भारी-भरकम बजट को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है।
नई दिल्ली में आयोजित प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की अहम बैठक में मिली इस प्रशासनिक मंजूरी के तहत कुल बजट राशि को केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के निर्धारित अनुपात में साझा किया जाएगा। इस राशि से राज्य में स्कूली शिक्षा का कायाकल्प किया जाएगा।
बुनियादी सुविधाओं में हरियाणा अव्वल, मंत्रालय ने की सराहना
हरियाणा सरकार के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने आज यहाँ अहम जानकारी देते हुए बताया कि बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्रालय ने स्कूली शिक्षा को मजबूत करने और शैक्षणिक बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार करने के लिए हरियाणा सरकार के निरंतर प्रयासों की खुलकर सराहना की है।
यूडीआईएसई+ के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में बिजली और पीने के साफ पानी की मुकम्मल सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय, हाथ धोने की पुख्ता व्यवस्था और पुस्तकालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी लगभग शत-प्रतिशत स्कूलों में पहुंच चुकी हैं।
राष्ट्रीय औसत से बेहतर है हरियाणा के स्कूलों का प्रदर्शन
इसके अलावा, हरियाणा ने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा का भी लगभग सार्वभौमिक कवरेज पूरी तरह हासिल कर लिया है। राज्य में छात्रों की अगली कक्षा में जाने की दर (ट्रांजिशन रेट) राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर दर्ज की गई है।
वहीं, दूसरी ओर बीच में ही स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की दर (ड्रॉपआउट रेट) भी राष्ट्रीय औसत से काफी कम बनी हुई है। प्रवक्ता ने आगे बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप स्वीकृत इस वार्षिक कार्य योजना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
‘स्प्रिंट’ और ‘बैंड सेट’ जैसी अनूठी पहलों को मिली हरी झंडी
इस नई योजना के तहत नवाचार, आधुनिक प्रौद्योगिकी और छात्र-केंद्रित शिक्षण सुधारों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। इस योजना की सबसे मुख्य विशेषता राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित दो बेहद अनूठी और नई पहल शामिल होना है।
इसमें ‘स्प्रिंट’ (स्पोर्ट्स प्रिपयर्डनेस एंड रेजिलिएंस थ्रू इंटेंसिव नचरिंग एंड ट्रेनिंग) और स्कूलों में ‘बैंड सेट’ का विशेष प्रावधान शामिल है। बोर्ड ने 377.61 लाख रुपये के वित्तीय बजट के साथ राज्य के सभी जिलों में इस ‘स्प्रिंट’ कार्यक्रम को लागू करने की मंजूरी दी है।
खेल प्रतिभाओं को निखारने और संस्कृति बढ़ाने पर रहेगा जोर
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में छुपी खेल प्रतिभाओं को सही समय पर पहचानना, छात्रों की शारीरिक फिटनेस को मजबूत करना और खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही प्रत्येक जिले के एक चयनित चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस स्कूल को लाभ मिलेगा।
पिछले दो वर्षों में शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित स्कूल बैंड प्रतियोगिताओं में हरियाणा के सरकारी स्कूलों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। राज्य के इन चुनिंदा स्कूलों के लिए आधुनिक बैंड सेट प्रदान करने हेतु 44 लाख रुपये अलग से स्वीकृत किए गए हैं।

