दिल्ली की अर्थव्यवस्था 9.42 फीसदी बढ़ी, प्रति व्यक्ति आय 5.31 लाख रुपये हुई, रेखा गुप्ता आज पेश करेंगी दूसरा बजट

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New Delhi News: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार को अपनी सरकार का दूसरा बजट पेश करेंगी। इससे पहले सोमवार को उन्होंने विधानसभा के पटल पर वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण रखा। सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। वर्ष 2024-25 की तुलना में इस वित्त वर्ष में दिल्ली के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 9.42 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। यह वर्तमान कीमतों पर 13,27,055 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। आर्थिक विकास के साथ ही लोगों की आमदनी भी बढ़ रही है।

प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से ढाई गुना अधिक

आर्थिक सर्वेक्षण केअनुसार वर्तमान वित्त वर्ष में प्रति व्यक्ति आय पिछले वर्ष की तुलना में 7.92 प्रतिशत वृद्धि के साथ 5,31,610 रुपये तक पहुंचने की संभावना है। यह राष्ट्रीय औसत से लगभग ढाई गुना अधिक है। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 4,92,592 रुपये था। दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का है। व्यापार, होटल, रेस्तरां और आईटी क्षेत्र का सकल राज्य मूल्य वर्धन में योगदान 86.32 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि दिल्ली की अर्थव्यवस्था सेवा प्रधान है।

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कर संग्रह में 15.54 फीसदी की वृद्धि

आर्थिक सर्वेक्षण मेंबताया गया है कि पिछले वर्ष की तुलना में कर संग्रह में 15.54 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कुल कर राजस्व में से 71.3 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर से, 10.2 प्रतिशत उत्पाद शुल्क से, 13.1 प्रतिशत स्टांप शुल्क से और 5.4 प्रतिशत मोटर वाहन से आने की संभावना है। व्यय बजट का 68.7 प्रतिशत स्वयं के कर राजस्व से प्राप्त किया गया है। सरकार ने राजस्व अधिशेष 9,661.31 करोड़ रुपये बनाए रखा है, जो जीएसडीपी का 0.73 प्रतिशत है। राजकोषीय घाटा 13,703 करोड़ रुपये हो गया है, जिसका मुख्य कारण पूंजीगत व्यय में 145 प्रतिशत की वृद्धि है।

सामाजिक सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान

आर्थिक विकास केसाथ ही सरकार ने कमजोर वर्गों का भी ध्यान रखा है। लगभग 4.40 लाख बुजुर्गों, 4.09 लाख वंचित महिलाओं और 1.40 लाख दिव्यांगों को सरकार द्वारा मासिक वित्तीय सहायता दी जा रही है। 60 से 69 वर्ष के बुजुर्गों को प्रति माह दो हजार रुपये और इससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को ढाई हजार रुपये मिलते हैं। वंचित महिलाओं और दिव्यांगों को भी प्रति माह ढाई हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या वर्ष 2020 में 12,464 से बढ़कर दिसंबर 2025 में 15,659 हो गई है। 19 मार्च तक दिल्ली में सड़कों पर मोटर वाहनों की कुल संख्या 87.61 लाख है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.93 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि उनकी सरकार दिल्ली को विश्व स्तरीय बनाने के लिए काम कर रही है।

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