Gujarat News: अहमदाबाद में पिछले साल 12 जून को एअर इंडिया का विमान AI-171 भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया था। इस भयानक विमान हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि इस गंभीर क्रैश की हाई-लेवल जांच आज भी जारी है।
विमानन मंत्रालय कर रहा नियमों के तहत गंभीर जांच
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जांच एजेंसियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत पूरी गंभीरता से काम कर रही हैं। यह ऑफिशियल टीम हादसे के असली कारणों का पता लगाने में जुटी है। उड्डयन अधिकारियों ने निष्पक्ष और विस्तृत रिपोर्ट सामने लाने की अपनी बड़ी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है।
इस पूरी जांच प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोकना है। सरकार इसके जरिए देश की विमानन सुरक्षा और पूरे सिस्टम को पहले से ज्यादा मजबूत बनाना चाहती है। एक्सपर्ट्स की स्पेशल टीम मलबे और ब्लैक बॉक्स से मिले डाटा का बारीकी से विश्लेषण कर रही है।
टेक ऑफ के तुरंत बाद मलबे ने मचाई तबाही
आपको बता दें कि यह भीषण हवाई हादसा विमान के उड़ान भरने के चंद मिनटों के भीतर ही हो गया था। इस दुर्घटना में प्लेन में सवार 242 यात्रियों में से 241 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। आसमान से भारी मलबा गिरने के कारण जमीन पर मौजूद कई लोग इसकी चपेट में आ गए थे।
इस भयानक तबाही में विमान के भीतर और बाहर को मिलाकर कुल 260 मासूम लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। हालांकि, इस विनाशकारी क्रैश में विमान के भीतर मौजूद यात्री विश्वास कुमार रमेश भाग्यशाली रहे। उनकी जान चमत्कारिक रूप से बच गई, लेकिन वे आज भी गहरे सदमे में जी रहे हैं।
चमत्कारिक रूप से बचे रमेश के लिए हर पल मुश्किल
मिरेकल मैन रमेश का दर्द है कि मौत के मुंह से जिंदा बचना उनकी मुश्किलों का अंत नहीं था। आज भी वे भयंकर मानसिक तनाव, नींद न आने की बीमारी और गहरी एंग्जायटी से जूझ रहे हैं। हादसे की खौफनाक यादें हर वक्त एक काले साए की तरह उनके पीछे चलती रहती हैं।
Author: Smit Patel

