Delhi News: भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौता अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बयान दिया है कि दोनों देशों के बीच इस डील पर बातचीत बिल्कुल आखिरी कगार पर खड़ी है। यह द्विपक्षीय डील दोनों लोकतांत्रिक देशों के रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाई देगी।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने यूएसआईएसपीएफ लीडरशिप समिट 2026 को संबोधित करते हुए यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका आर्थिक मोर्चे पर भारत के साथ मजबूत साझेदारी बढ़ाना चाहता है। दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक संबंध आने वाले समय में वैश्विक बाजार की दिशा तय करेंगे।
राजनयिक दौरे पर भारतीय मंत्री से हुई दिल को छूने वाली बातचीत
सर्जियो गोर ने नई दिल्ली के अपने हालिया डिप्लोमैटिक दौरे का एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने एक भारतीय मंत्री के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि मीडिया में चाहे जो भी खबरें आएं, आज से पचास साल बाद भी भारत और अमेरिका बेहद मजबूत और पक्के दोस्त बने रहेंगे।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार अमेरिकी राजदूत ने लोकतंत्र के साझा सिद्धांतों पर विशेष जोर दिया। भारत और अमेरिका में मजबूत विपक्ष की उपस्थिति जैसी कई समानताएं हैं। यही लोकतांत्रिक मूल्य दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को आने वाले कई दशकों तक एक मजबूत आधार प्रदान करते रहेंगे।
एआई, टेक्नोलॉजी और एविएशन सेक्टर में साथ काम करने की क्षमता
राजदूत गोर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस टेक्नोलॉजी और एविएशन जैसे कई महत्वपूर्णक्टर्स की पहचान की है। उन्होंने कहा कि इन सभी सेक्टर्स में दोनों देशों के पास मिलकर काम करने की असीम क्षमताएं मौजूद हैं। अगले दो साल इस लंबी अवधि की पार्टनरशिप का नया रास्ता तय करेंगे।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि एंबेसडर जैमीसन ग्रीर के साथ नई दिल्ली में कई उच्च स्तरीय बैठकें पूरी की हैं। इन महत्वपूर्ण बैठकों का मुख्य उद्देश्य दोनों बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को मजबूत करना था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप साल 2027 की शुरुआत में आएंगे भारत
इसके साथ ही भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप साल 2027 की शुरुआत में आधिकारिक भारत दौरे पर आएंगे। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने आईएएनएस को दिए एक विशेष इंटरव्यू में इस वीवीआईपी दौरे की पुष्टि की है।
इस आगामी दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौतों को और अधिक गति मिलने की संभावना है। रक्षा, रक्षा उत्पाद और तकनीकी सहयोग के क्षेत्रों में भी कई नए समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स भी इस दीर्घकालिक प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साहित दिखाई दे रहे हैं।
