मंडी में वीडियो बनाने पर भड़का विवाद: खेत में हुए हिंसक संघर्ष में महिला समेत तीन घायल; जानें पूरा मामला

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। गोहर थाना क्षेत्र के सन्दोआ गांव में खेत में वीडियो बनाने को लेकर परिवार के सदस्य आपस में भिड़ गए। इस हिंसक झड़प में एक महिला समेत कुल तीन लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है। अब मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

खेत में वीडियो बनाने से शुरू हुआ विवाद

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार सन्दोआ गांव की सुनीता कुमारी अपने परिवार के साथ पैतृक घर आई थीं। अगले दिन जब वह खेत के पास खड़ी थीं, तब जेठ और जेठानी वहां काम कर रहे थे। इसी दौरान सुनीता ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया। इस बात से नाराज होकर दोनों उनकी तरफ दौड़े। डर के कारण सुनीता अपने घर की ओर भाग गईं। यह छोटी सी बात जल्द ही एक बड़े झगड़े का कारण बन गई।

घर में घुसकर परिवार के सदस्यों पर हमला

विवाद केवल खेत तक सीमित नहीं रहा और जल्द ही घर तक पहुंच गया। आरोप है कि चुन्नी लाल और कला देवी अपने बच्चों के साथ डंडे लेकर सुनीता के घर पहुंच गए। उन्होंने बरामदे में घुसकर सुनीता और उनके परिवार पर अचानक हमला कर दिया। हमले में सुनीता, उनके पति नन्द लाल और सास गोमती देवी को निशाना बनाया गया। आरोपियों ने कथित तौर पर जान से मारने की धमकियां भी दीं। इस घटना से इलाके में तनाव है।

धारदार हथियार से सास और पति पर वार

मारपीट के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब हथियार का इस्तेमाल किया गया। शिकायत के अनुसार, चुन्नी लाल ने दराट से गोमती देवी के दाहिने हाथ और पीठ पर वार किया। इस हिंसक हमले में उन्हें गहरी चोटें आईं और खून बहने लगा। वहीं अन्य आरोपियों ने भी लाठी-डंडों से नन्द लाल और गोमती देवी पर हमला जारी रखा। इस घटना में परिवार के तीन सदस्य बुरी तरह से घायल हो गए। उन्हें तुरंत ही चिकित्सा सहायता लेनी पड़ी।

पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच

घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। गोहर थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी अब घटनास्थल का मुआयना कर रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि पीड़ितों को न्याय मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्कता बरत रही है।

पारिवारिक विवादों में बढ़ती हिंसा चिंता का विषय

ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति और आपसी मनमुटाव को लेकर हिंसा के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मंडी जिले की यह घटना भी इसी सामाजिक समस्या का एक और गंभीर उदाहरण पेश करती है। छोटी-छोटी बातों पर इस तरह के हिंसक हमले समाज में बढ़ती असहिष्णुता को दर्शाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आपसी बातचीत और कानूनी सहायता से ऐसे विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जाना चाहिए। प्रशासन को ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की सख्त आवश्यकता है।

निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति

पुलिस प्रशासन इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रहा है। सभी पहलुओं और दोनों पक्षों के बयानों को ध्यान में रखकर ही आगे की उचित कार्रवाई तय की जाएगी। घायलों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले की गंभीरता का आकलन किया जाएगा। इस तरह की घटनाओं में पुलिस की त्वरित और निष्पक्ष भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा कि इस हिंसक हमले का मुख्य जिम्मेदार कौन है।

कानूनी प्रक्रिया और आगे के पुलिस कदम

हिमाचल प्रदेश पुलिस इस मामले में सख्त रुख अपना रही है। आरोपियों से पूछताछ के लिए पुलिस टीमें अपना काम कर रही हैं। पीड़िता सुनीता कुमारी ने पुलिस से सभी हमलावरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस परिवार के बीच पहले से कोई जमीनी या संपत्ति का विवाद चल रहा था। जल्द ही इस पूरे मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कुछ और ठोस कदम उठाए जाने की संभावना है।

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