कुल्लू की दुर्गम पहाड़ियों में पुलिस का बड़ा एक्शन, अफीम की खेती के पीछे आखिर कौन है मास्टरमाइंड?

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सैंज घाटी की तलाड़ा पंचायत के फबियारी गांव में अफीम की अवैध खेती का पर्दाफाश हुआ है। विशेष टीमों ने गुप्त सूचना के आधार पर यहां अचानक छापेमारी की। इस दौरान टीम ने मौके पर 955 अफीम के पौधे बरामद किए और उन्हें तुरंत नष्ट कर दिया। यह नशे के तस्करों के खिलाफ पुलिस का एक बहुत कड़ा संदेश है।

दो अलग-अलग ठिकानों पर पुलिस की भारी छापेमारी

थाना प्रभारी छजू राम ने इस पूरी कार्रवाई के लिए विशेष टीमों का गठन किया था। पुलिस की संयुक्त टीमों ने दो अलग-अलग संदिग्ध स्थानों पर अचानक दबिश दी। मुख्य आरक्षी राजिंदर और आरक्षी अमन की पहली टीम ने एक खेत से 240 प्रतिबंधित पौधे पकड़े। इसके बाद मुख्य आरक्षी मनोज और आरक्षी अभिषेक की दूसरी टीम ने एक अन्य जगह पर 715 अफीम के पौधे बरामद किए। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई तस्करों के लिए एक खुली चेतावनी है।

मास्टरमाइंड की तलाश तेज और एनडीपीएस एक्ट में केस

पुलिस ने इस अवैध धंधे के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा अठारह के तहत एक आधिकारिक प्राथमिकी दर्ज की है। जांच अधिकारी अब इस पूरे नेटवर्क के असली मास्टरमाइंड को सरगर्मी से तलाश रहे हैं। यह भी गहन जांच की जा रही है कि जिस जमीन पर यह खेती हो रही थी, वह सरकारी वन भूमि है या निजी संपत्ति। दुर्गम पहाड़ियों की आड़ में तस्करों को संरक्षण देने वाले स्थानीय लोगों की भी सघन जांच होगी।

नशा तस्करों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा

कुल्लू के पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशल ने इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि की है। एसपी ने स्पष्ट कहा कि जिला पुलिस नशे के समूल नाश के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि फबियारी गांव की कार्रवाई सिर्फ एक शुरुआत है। आने वाले दिनों में घाटी के अन्य हिस्सों में भी ऐसा सघन तलाशी अभियान चलेगा। आम जनता से भी इस अहम अभियान में पुलिस का पूरा सहयोग करने की विशेष अपील की गई है।

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