Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के एक मेधावी छात्र की खड्ड में डूबने से असामयिक मौत हो गई। यह हादसा उपमंडल पधर के कमांद क्षेत्र में पेश आया। मृतक छात्र की पहचान हरियाणा के भिवानी निवासी 21 वर्षीय विपिन कुमार के रूप में हुई है। इस खबर के बाद संस्थान के छात्रों और मृतक के पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
विपिन कुमार आईआईटी मंडी में बीटेक का छात्र था। वह संस्थान के साउथ कैंपस स्थित नाको हॉस्टल में रहता था। सोमवार को वह कैंपस के पास ही बहने वाली रियागड़ी खड्ड में नहाने के लिए गया था। नहाते समय वह पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लगा पाया। अचानक वह गहरे पानी में समाने लगा और देखते ही देखते डूब गया। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को मामले की सूचना दी।
स्थानीय लोगों ने छात्र को निकाला बाहर
हादसे की खबर मिलते ही कमांद पुलिस चौकी की टीम तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हुई। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थानीय निवासियों ने साहस दिखाया। ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत के बाद विपिन को पानी से बाहर निकाल लिया था। उस समय छात्र की हालत काफी नाजुक और वह अचेत अवस्था में था। बिना समय गवाए उसे तुरंत जोनल अस्पताल मंडी ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने छात्र की जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया।
पधर थाना प्रभारी अनिल कटोच ने मामले की आधिकारिक पुष्टि की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और उनके पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या खड्ड के पास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे। इस हादसे ने कैंपस में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है।
प्रशासन ने अन्य छात्रों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अनजान जल निकायों में उतरने से बचें। अक्सर पहाड़ी खड्डों और नदियों में पानी का स्तर अचानक बढ़ जाता है। साथ ही पत्थरों के नीचे छिपी गहराई जानलेवा साबित हो सकती है। विपिन के सहपाठी उसे एक हंसमुख और प्रतिभाशाली छात्र के रूप में याद कर रहे हैं। पुलिस जांच के बाद ही हादसे के स्पष्ट कारणों का पता चल पाएगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।


