Himachal News: शिमला में ड्रग्स माफिया के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने इस साल महा-अभियान छेड़ दिया है। साल 2026 के शुरुआती साढ़े पांच महीनों में ही पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 157 केस दर्ज किए हैं। इस कड़ी कार्रवाई के दौरान रिकॉर्ड 272 ड्रग सप्लायरों को अरेस्ट किया गया है।
बीते साल के मुकाबले ढाई गुना ज्यादा हेरोइन हुई बरामद
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस बार सिर्फ छोटे नशा तस्करों पर ही शिकंजा नहीं कसा गया है। पुलिस टीम ने पूरी सप्लाई चेन के ओरिजिनल सोर्स तक पहुंचकर मुख्य सरगनाओं को पकड़ा है। आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक करीब 2.5 किलोग्राम हेरोइन जब्त की जा चुकी है।
साल 2025 में पूरे बारह महीनों के दौरान केवल एक किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई थी। इस लिहाज से मौजूदा वर्ष में अभी आधा समय भी नहीं बीता है, लेकिन ड्रग्स की बरामदगी पिछले साल के मुकाबले करीब ढाई गुना बढ़ गई है। पुलिस की इस आक्रामक रणनीति से माफिया में खलबली मची है।
बैकवर्ड लिंकेज जांच के जरिए बड़े माफिया नेटवर्क का भंडाफोड़
इस बार सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट पुलिस की बैकवर्ड लिंकेज इन्वेस्टिगेशन में देखने को मिला है। जांच टीम ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, भारत-नेपाल बॉर्डर और केरल जैसे राज्यों से 49 बड़े अपराधियों को दबोचा है। ये आरोपी बाहरी राज्यों से हिमाचल में नशे की बड़ी खेप भेजते थे।
इस स्पेशल एक्शन के मुकाबले साल 2025 में बैकवर्ड लिंकेज के जरिए महज सात गिरफ्तारियां हुई थीं। पुलिस ने इस साल ऐसे ऑपरेशन्स में सात गुना की बड़ी ग्रोथ दर्ज की है। इसके अलावा शिमला पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े 38 अंतरराज्यीय नेटवर्कों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बुधवार को बताया कि हमारी टीम केवल लोकल पेडलर्स को पकड़ने तक सीमित नहीं है। पुलिस का मुख्य फोकस अब ड्रग्स सिंडिकेट की रीढ़ तोड़ना है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए यह क्वालिटी इन्वेस्टिगेशन आगे भी लगातार जारी रहेगी।
Reported By: Sunita Gupta


