Yamunanagar News: दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर मंगलवार रात करीब 11 बजे यमुनानगर नगर निगम के एसडीओ (SDO) दीपक तंवर का शव उनकी ही कार में मिलने से सनसनी फैल गई। किशनपुर बराल और रमाला के बीच ड्राइविंग सीट पर मिले शव के सिर और ठोड़ी पर चोट के निशान हैं।
हाईवे पर गश्त कर रही पुलिस टीम ने सड़क किनारे संदिग्ध अवस्था में खड़ी कार को देखकर जब जांच की, तो SDO का शव बरामद हुआ। मृतक के मुंह से खून बह रहा था और वे बगल वाली सीट की तरफ झुके हुए थे। इस रहस्यमयी मौत से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें और फॉरेंसिक एक्सपर्ट मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस हत्या और दुर्घटना दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की बारीकी से पड़ताल कर रही है। मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए हाईवे के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
15 जून से लापता थे SDO दीपक तंवर, परिजनों में कोहराम
मूल रूप से पलवल के सिहोल गांव के रहने वाले और कृषि मंत्रालय से सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी प्रभुदयाल ने बताया कि उनके 37 वर्षीय बेटे दीपक तंवर यमुनानगर में तैनात थे। वह 15 जून की दोपहर को अपनी कार से ड्यूटी के लिए निकले थे, लेकिन वहां नहीं पहुंचे।
परिजनों ने बताया कि दीपक का फोन लगातार बज रहा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा था। बुधवार सुबह जब छोटे भाई ने दोबारा कॉल की, तो एक पुलिसकर्मी ने फोन उठाकर इस दर्दनाक हादसे की जानकारी दी। दीपक के पीछे घर में उनकी पत्नी और पांच साल का मासूम बेटा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपक के सिर की हड्डी टूटी हुई पाई गई है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी किसी से कोई पुरानी रंजिश या पारिवारिक विवाद नहीं था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी इनपुट के आधार पर जल्द ही इस मामले की गुत्थी सुलझा ली जाएगी।
Author: Sandeep Hooda


