सेकेंड हैंड स्कॉर्पियो खरीदने पर मिला जिंदगी का सबसे बड़ा धोखा, पुलिस जांच में उड़े खरीदार के होश

Himachal Pradesh News: बिलासपुर जिले में सेकेंड हैंड वाहन की खरीद में बड़ी धोखाधड़ी सामने आई है। एक व्यक्ति ने लाखों रुपये खर्च करके एक पुरानी स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदी थी। पुलिस जांच के दौरान यह महंगा वाहन चोरी का निकला है। इस खुलासे के बाद खरीदार को बहुत बड़ा झटका लगा है। पीड़ित ने तुरंत पुलिस अधीक्षक को अपनी लिखित शिकायत दी है। पुलिस प्रशासन ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

लाखों रुपये का हुआ लेन-देन

घुमारवीं के रहने वाले अशोक कुमार ने दिसंबर 2025 में स्कॉर्पियो का सौदा किया था। उन्होंने यह गाड़ी 14 लाख रुपये में एक स्थानीय डीलर से खरीदी थी। यह आरोपी बिलासपुर में पुरानी गाड़ियों का व्यापार करता है। अशोक ने अपने दोस्त की मौजूदगी में आरोपी को तीन लाख रुपये नकद दिए। फिर बैंक से 11.50 लाख रुपये का वाहन ऋण लिया। जनवरी महीने में अशोक ने 10.50 लाख रुपये डीलर के बैंक खाते में भेज दिए थे।

शिमला पुलिस की जांच में खुला राज

इस ठगी का खुलासा फरवरी महीने में हुआ। शिमला में पुलिस नियमित चेकिंग कर रही थी। इस दौरान स्कॉर्पियो के दस्तावेजों और तकनीकी विवरणों की जांच की गई। पुलिस टीम को पता चला कि यह गाड़ी असल में चोरी की है। इस वाहन की चोरी की रिपोर्ट पंजाब के अमृतसर में दर्ज है। शातिर ठगों ने वाहन के इंजन और चेसिस नंबर भी पूरी तरह बदल दिए थे। जांच में गाड़ी की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी भी जाली पाई गई है।

गिरोह की तलाश में जुटी बिलासपुर पुलिस

सच्चाई सामने आने पर थाना सदर बिलासपुर में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव चौधरी ने जांच की पुष्टि की है। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या इसमें कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क शामिल है। जाली दस्तावेजों से चोरी की गाड़ियां बेचने वाले इस गिरोह का जल्द पर्दाफाश होगा। पुलिस की विशेष टीमें आरोपी की तलाश में लगातार विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े से जुड़े तार

बिलासपुर के आरएलए सदर कार्यालय में वाहन पंजीकरण का फर्जीवाड़ा पहले ही उजागर हो चुका है। पुलिस को शक है कि यह मामला भी उसी रैकेट से जुड़ा है। एसडीएम सदर के नेतृत्व में एक कमेटी बनी है। यह टीम बाहरी राज्यों की गाड़ियों के पंजीकरण दस्तावेजों को खंगाल रही है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद संदिग्ध वाहन मालिकों को नोटिस भेजे गए हैं। इस सख्ती के बाद इलाके में लगातार कई चौंकाने वाले नए मामले खुलकर सामने आ रहे हैं।

दलालों के झांसे में लुट रहे ग्राहक

जांच के दौरान एक हैरान करने वाला नया मामला खुला है। एक ग्राहक को जाली एनओसी दिखाकर ठगा गया। पीड़ित को ऐसी गाड़ी बेची गई जिस पर जयपुर के एक बैंक का लोन था। इस वाहन पर पहले से 18.50 लाख रुपये का कर्ज बकाया था। दलालों के जाल में फंसकर आम लोग लाखों रुपये गंवा रहे हैं। पुलिस ने जनता से पुरानी गाड़ियां खरीदते समय सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को कागजातों की जांच की सलाह है।

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