Karnal News: खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कुंजपुरा गोदाम में सामने आए करोड़ों रुपये के गेहूं घोटाले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पहले गोदाम से करीब दो करोड़ रुपये के हजारों कट्टे गेहूं गायब होने का मामला सामने आया था। अब गोदाम में रखे करीब 1500 कट्टों में 43.50 लाख रुपये का गेहूं खराब मिला है।
विजिलेंस जांच के बाद दोबारा शुरू हुई विभागीय कार्रवाई
विजिलेंस जांच के बाद शुक्रवार को एक बार फिर गोदाम में रखे गेहूं की विभागीय टीम ने बारीकी से जांच की। जांच टीम ने खराब हो चुके गेहूं के सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं। इस मामले में भारतीय खाद्य निगम और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का रिकॉर्ड अब तक मेल नहीं खा रहा है।
विभाग ने करीब एक माह पहले एफसीआई से पुराने स्टॉक के रखरखाव और उठान का पूरा रिकॉर्ड मांगा था, लेकिन वह अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया। अब सोमवार को एफसीआई से पूरा रिकॉर्ड लेकर उसका विभागीय रिकॉर्ड से गहनता से मिलान किया जाएगा, जिससे कई बड़े राज खुल सकते हैं।
सोमवार को रिकॉर्ड मिलान से सामने आ सकते हैं कई अहम सुराग
जांच करने पहुंचे अनुभाग अधिकारी विकास खोखर ने कहा कि मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी एफसीआई और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के रिकॉर्ड का मिलान है। खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार का कहना है कि जांच के बाद ही असल नुकसान, उसके जिम्मेदार और भरपाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायतकर्ता की मौजूदगी में जांच टीम ने की बड़ी कार्रवाई
पहले हो चुकी विजिलेंस जांच के बाद शिकायतकर्ता विकास शर्मा की शिकायत पर विभाग ने एक बार फिर गोदाम में रखे गेहूं के स्टॉक की जांच कराई। इस बार शिकायतकर्ता को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया। जांच के दौरान गोदाम में मौजूद कुल 9315 कट्टों का गहन निरीक्षण किया गया।
जांच टीम को गोदाम में गेहूं के लगे चार स्टैक में सबसे नीचे वाली परत में रखे करीब 1500 कट्टों का गेहूं पूरी तरह सड़ा और खराब मिला। इस खुलासे के बाद अब सोमवार को होने वाले रिकॉर्ड मिलान पर सबकी नजरें टिकी हैं, जिससे इस घोटाले के असली गुनहगारों के नाम सामने आ सकेंगे।

