Shimla News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ चल रहे विशेष कैंपेन के तहत एक बड़ी रेड को अंजाम दिया है। चौपाल सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले नेरवा पुलिस स्टेशन की टीम ने कोफरधार क्षेत्र में करीब 10 बीघा जमीन पर की गई अवैध भांग की खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।
राजस्व और वन विभाग की टीम के साथ बड़ी कार्रवाई
पुलिस को गश्त के दौरान कोफरधार के जंगलों में बड़े पैमाने पर अवैध ड्रग्स प्रोडक्शन की सीक्रेट इनफॉर्मेशन मिली थी। इसके तुरंत बाद एक्शन में आई पुलिस टीम ने रेवेन्यू और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। सभी सरकारी विभागों ने जॉइंट ऑपरेशन चलाकर कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और फसल को काटना शुरू किया।
जांच टीम ने जब्त किए भांग के पौधे
सरकारी अधिकारियों की प्राथमिक जांच में सामने आया कि एक बिस्वा जमीन पर लगभग 5,000 अवैध पौधे उगाए गए थे। इसी कैलकुलेशन के आधार पर पूरी 10 बीघा भूमि पर करीब 10 लाख पौधों की मौजूदगी का अनुमान लगाया गया। पुलिस ने जांच के लिए अलग-अलग स्पॉट्स से 40 पौधों के सैंपल जब्त कर लिए हैं।
अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज
इस बड़े मामले में नेरवा थाना पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20, 61 और 85 के तहत एफआईआर दर्ज की है। लोकल पुलिस और क्राइम इन्वेस्टिगेशन टीम अब इस जमीनी नेटवर्क से जुड़े लैंड ओनर्स और अवैध खेती करने वाले मास्टरमाइंड की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
नशा माफिया के खिलाफ जारी रहेगा सख्त पुलिस एक्शन
शिमला के सीनियर सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस गौरव सिंह ने बताया कि जिले में ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध नशीले पदार्थों के बिजनेस और स्मगलिंग में शामिल अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सबसे सख्त लीगल एक्शन लिया जाएगा।

