Dehradun News: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे के मैनेजमेंट में कथित गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने शुरुआती जांच के बाद एक कर्मचारी को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। चार सदस्यों की एक विशेष टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी मिलने पर निजी सचिव पर गिरी गाज
मंदिर समिति के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने बताया कि शुरुआती जांच में वित्तीय गड़बड़ी के पुख्ता संकेत मिले हैं। इसके बाद आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड कर दिया गया है। नौटियाल इस प्रतिष्ठित मंदिर समिति में लंबे समय से प्राइवेट सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत था।
चेयरमैन ने साफ किया कि मंदिर समिति भ्रष्टाचार के मामलों में पूरी तरह ज़ीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाती है। यदि मुख्य जांच के दौरान कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई होगी। इसके साथ ही आरोपी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
सोशल मीडिया पर चढ़ावा गिनती में धांधली के बाद मंचा बवाल
यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती के दौरान धांधली के गंभीर आरोप लगे। इसके बाद ‘भैरव सेना’ नाम के एक स्थानीय संगठन ने लिखित शिकायत दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई थी।
बढ़ते विवाद को देखते हुए पिछले हफ्ते ही चार वरिष्ठ सदस्यों की एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई गई थी। इस विशेष टीम में मंदिर समिति के सीनियर फाइनेंस कंट्रोलर हेम कांडपाल, लीगल ऑफिसर एसएस बर्तवाल, चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर राजन नैथानी और डीएस भुजवान शामिल हैं।
जांच टीम खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज और पुराने डिजिटल रिकॉर्ड
विशेष कमेटी ने मंदिर के सीसीटीवी फुटेज, संबंधित कर्मचारियों के आधिकारिक बयान और अन्य जरूरी दस्तावेजों के आधार पर अपनी जांच तेज कर दी है। इसी बीच परिसर में अचानक सीसीटीवी कैमरे बदलने को लेकर भी कुछ लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
हालांकि मंदिर समिति के सीईओ ने स्पष्ट किया कि कैमरे बदलना एक सामान्य रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुराने डीवीआर का पूरा वीडियो रिकॉर्ड जांच टीम के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसके साथ किसी भी स्तर पर कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
विवाद पर उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार को घेरा
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी संस्था है। यह संस्था उत्तराखंड में बद्रीनाथ मंदिर के अलावा 44 अन्य ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों, स्कूलों और धर्मशालाओं का पूरा मैनेजमेंट संभालती है। इस बीच कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस मामले को लेकर पुष्कर सिंह धामी सरकार की कड़ी आलोचना की है। विपक्ष ने पूरे कथित घोटाले की न्यायिक जांच या विधानसभा की संयुक्त समिति से जांच कराने की मांग की है। फिलहाल इस मामले की उच्च स्तरीय जांच जारी है।

