सुप्रीम कोर्ट में एनटीए का बड़ा कबूलनामा, बताया आखिर क्यों रद्द करनी पड़ी नीट परीक्षा और अब क्या होगा आगे?

Delhi News: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर नीट-यूजी परीक्षा रद्द करने के फैसले को जायज ठहराया है। एजेंसी ने शीर्ष अदालत को बताया कि राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाना बेहद जरूरी था।

एनटीए ने कोर्ट को साफ शब्दों में कहा कि छात्रों के व्यापक हित को ध्यान में रखकर ही दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया। परीक्षा की शुचिता भंग होने की खबर मिलते ही मामले की जांच तुरंत केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई थी।

राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर अमल शुरू

शीर्ष अदालत के निर्देश पर दायर इस हलफनामे में एनटीए ने सुधारों का पूरा ब्यौरा पेश किया है। पूर्व इसरो अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्च-स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण सिफारिशों को अब देश भर के परीक्षा केंद्रों पर लागू किया जा रहा है।

एजेंसी ने बताया कि आगामी परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। इन नए सुरक्षा उपायों में पहचान का डिजिटल बायोमेट्रिक सत्यापन, एआई-संचालित सीसीटीवी कैमरे और अत्याधुनिक मोबाइल जैमर लगाना शामिल है, जो पूरी तरह तैयार हैं।

पेपर-लीक रोकने के लिए सुरक्षा का नया खाका तैयार

आगामी 21 जून को होने वाली पुनरीक्षा के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े बंदोबस्त किए जा रहे हैं। एनटीए इस बार कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्यों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और जिला मजिस्ट्रेटों के साथ सीधे संपर्क में काम कर रहा है।

जांच के क्रम को साझा करते हुए एजेंसी ने बताया कि 3 मई को देश-विदेश के हजारों केंद्रों पर परीक्षा हुई थी। इसमें 22 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। गड़बड़ी की सूचना मिलते ही एजेंसी ने बिना देर किए मामला केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को सौंप दिया था।

अगले साल से पूरी तरह बदल जाएगा परीक्षा का तरीका

भविष्य की योजनाओं को लेकर एनटीए ने हलफनामे में एक और बड़ा खुलासा किया है। विशेषज्ञ समिति ने नीट-यूजी को पुराने पेन-एंड-पेपर मोड से हटाकर कंप्यूटर-आधारित टेस्ट यानी सीबीटी मोड में बदलने की सबसे महत्वपूर्ण सिफारिश की है।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से सलाह-मशविरा करने के बाद इस बड़े बदलाव को अगले परीक्षा चक्र से लागू कर दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस हफ्ते की शुरुआत में परीक्षा प्रणाली में ढांचागत सुधारों की मांग पर केंद्र को नोटिस भेजा था।

शुक्रवार को होने वाली इस मामले की अहम सुनवाई को फिलहाल टाल दिया गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के दूसरी बेंच के सामने व्यस्त होने के कारण देश की इस सबसे चर्चित परीक्षा पर अगली तारीख को विस्तृत बहस होगी।

Author: Gaurav Malhotra

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