World/International: एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में खुद को सबसे आगे बनाए रखने के लिए फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने एक बहुत ही अनोखा मास्टरप्लान तैयार किया है। कंपनी ने एआई और विशाल डेटा सेंटर्स से जुड़ी अपनी जमीनी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी ट्रेनिंग योजना की शुरुआत की है।
मेटा इस खास प्रोजेक्ट पर 115 मिलियन डॉलर (करीब 960 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम निवेश कर रही है। इस नए कार्यक्रम का नाम “Americas Workforce Academy” रखा गया है। यह 5 हफ्तों का पूरी तरह से एक मुफ्त प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें युवाओं को सीधे जॉब-ओरिएंटेड स्किल्स सिखाई जाएंगी।
कीबोर्ड छोड़ो और हाथ में उठाओ रिंच-पेचकस!
मेटा का यह कदम तकनीकी दुनिया में एक बड़ा यू-टर्न माना जा रहा है। आमतौर पर सॉफ्टवेयर और कोडिंग पर अरबों खर्च करने वाली यह टेक कंपनी अब कुशल श्रमिकों की कमी से जूझ रही है। इस संकट से निपटने के लिए मेटा ने सीबीआरई और एसोसिएटेड बिल्डर्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ एक मजबूत हाथ मिलाया है।
इस ट्रेनिंग के दौरान युवाओं को डिजिटल कोडिंग नहीं, बल्कि बिजली का काम, एचवीएसी इंस्टॉलेशन, वेल्डिंग, प्लंबिंग और फाइबर-ऑप्टिक टेक्नोलॉजी जैसी बेहद जरूरी जमीनी स्किल्स सिखाई जाएंगी। कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी योग्य प्रतिभागियों को उद्योग जगत में मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे।
कोर्स पूरा होते ही मिलेगी पक्की नौकरी की गारंटी
इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे बड़ी और खास यूएसपी यह है कि कोर्स पूरा करने वाले योग्य उम्मीदवारों को नौकरी की शत-प्रतिशत पक्की गारंटी दी जा रही है। सफल छात्र सीधे मेटा के एक्टिव डेटा सेंटर निर्माण स्थलों पर काम करने वाले जनरल कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ फुल-टाइम रोजगार पा सकेंगे।
इस शानदार पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत अमेरिका के चार प्रमुख राज्यों लुइसियाना, ओहियो, इंडियाना और टेक्सास से की जा रही है। इन चुनिंदा क्षेत्रों में या तो मेटा के विशालकाय डेटा सेंटर पहले से मौजूद हैं या फिर कंपनी वहां अपने नए और सीक्रेट एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को तेजी से शुरू करने की तैयारी कर रही है।
डेटा सेंटर तकनीशियन की सालाना सैलरी है बेहद मोटी
वैश्विक स्तर पर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने के लिए मेटा को इस समय सॉफ्टवेयर इंजीनियरों से ज्यादा निर्माण क्षेत्र के कुशल कर्मचारियों की जरूरत है। उपलब्ध डेटा के अनुसार, एक डेटा सेंटर तकनीशियन की औसत सालाना सैलरी लगभग 88,000 डॉलर (करीब 73 लाख रुपये) होती है, जो युवाओं के लिए एक शानदार करियर है।
हालांकि निर्माण कार्य से जुड़ी ये नौकरियां पूरी तरह से स्थायी प्रकृति की नहीं होती हैं। लेकिन इस ट्रेनिंग में ऐसे व्यावहारिक कौशल सिखाए जाएंगे जिनका उपयोग लोग भविष्य में अन्य बड़ी कंपनियों और परियोजनाओं में भी आसानी से कर सकेंगे। मेटा की यह पहल एआई उद्योग के लिए एक नया कुशल कार्यबल तैयार करेगी।
Author: Pallavi Sharma


