क्रूड ऑयल की कीमतों में लगी आग, अमेरिका ने लिया चौंकाने वाला फैसला, भारत ने दिया करारा जवाब

New Delhi News: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई में आई भारी कमी के कारण बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का भाव 111 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। तेल की इन बढ़ती कीमतों से पूरी दुनिया के बाजारों में घबराहट फैल गई है। इसी बीच अमेरिका की तरफ से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कयास लगाए जा रहे थे कि अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने की छूट केवल 16-17 मई तक ही दी थी। लेकिन अब अमेरिका ने रूस पर लगे इन प्रतिबंधों में एक महीने की ढील और बढ़ा दी है। इस फैसले से अब कई देशों को रूसी समुद्री मार्ग से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति मिल गई है।

अमेरिकी प्रतिबंधों पर भारत का दोटूक जवाब

अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों में छूट बढ़ाने से ठीक एक दिन पहले भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय ने बेहद सख्त और बड़ा बयान जारी किया था। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को साफ किया कि भारत किसी भी अमेरिकी प्रतिबंध या छूट की परवाह किए बिना रूस से अपनी जरूरत का तेल खरीदता रहेगा।

अधिकारी ने जोर देकर कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और व्यावसायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। भारत के कच्चे तेल खरीदने के निर्णय मुख्य रूप से पर्याप्त आपूर्ति और व्यावसायिक समझ पर आधारित होते हैं। हमारे लिए देश के हितों से बढ़कर कुछ भी नहीं है।

देश में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं

पेट्रोलियम मंत्रालय ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारत में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। सरकार ने लंबी अवधि के समझौतों के जरिए देश के लिए पर्याप्त तेल की आपूर्ति पहले से ही सुनिश्चित कर ली है। इसलिए वैश्विक बाजार में मचे इस घमासान का भारत पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

दरअसल, प्रतिबंधों में यह अस्थायी छूट अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने मार्च के मध्य में जारी की थी, जिसे अप्रैल में भी बढ़ाया गया था। इस नीति का मुख्य उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बने दबाव को कम करना और ईरान युद्ध के बीच लगातार बढ़ रही कच्चे तेल की कीमतों को नियंत्रित करना है।

Author: Rajesh Kumar

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