Business News: भारतीय फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी लिंकन फार्मास्यूटिकल्स ने अपने निवेशकों को बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 18% फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है। इसके साथ ही चौथी तिमाही के नतीजे भी जारी किए गए हैं।
कंपनी ने मार्च तिमाही में स्थिर मुनाफे और मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ का बेहतरीन प्रदर्शन किया। फार्मा सेक्टर में लगातार बढ़ती मांग और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत पकड़ के चलते यह सफलता मिली है। कंपनी आने वाले सालों में बड़ी ग्रोथ की तैयारी कर रही है।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹1.80 का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। हालांकि यह डिविडेंड आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही दिया जाएगा। इससे निवेशकों में उत्साह है।
लिंकन फार्मास्यूटिकल्स की आय में दर्ज हुई शानदार बढ़त
अगर मार्च तिमाही के प्रदर्शन की बात करें तो लिंकन फार्मास्यूटिकल्स ने Q4FY26 में ₹11.63 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹11.57 करोड़ था। सालाना आधार पर मुनाफे में 0.52% की मामूली बढ़ोतरी हुई।
भले ही कंपनी का शुद्ध मुनाफा इस बार स्थिर रहा, लेकिन इसकी कुल आय में शानदार बढ़त देखने को मिली है। कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन बढ़कर ₹183.08 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹161.30 करोड़ दर्ज हुआ था।
इस प्रकार कंपनी की आय में करीब 13.5% की शानदार सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी प्रबंधन के अनुसार यह बेहतरीन ग्रोथ घरेलू बाजार के साथ-साथ एक्सपोर्ट डिमांड बढ़ने की वजह से आई है। इससे कंपनी की बाजार में साख और मजबूत हुई है।
बढ़ती लागत के बावजूद कंपनी का ऑपरेशनल प्रॉफिट मजबूत
कंपनी का EBITDA यानी ऑपरेशनल प्रॉफिट भी इस दौरान बढ़कर ₹20.66 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹19.84 करोड़ था। वहीं चालू वित्त वर्ष की इस आखिरी तिमाही में कंपनी का EPS यानी प्रति शेयर कमाई ₹5.81 दर्ज की गई।
बाजार में बढ़ती लागत और ऑपरेशनल खर्चों के बावजूद कंपनी ने अपनी लाभप्रदता को स्थिर बनाए रखा। बाजार के विशेषज्ञ इसे निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। कंपनी के बेहतर वित्तीय प्रबंधन के कारण ही विपरीत परिस्थितियों में भी ऐसा परिणाम संभव हुआ।
कंपनी के डायरेक्टर मुंजाल पटेल ने कहा कि FY26 कंपनी के लिए मजबूत ग्रोथ वाला साल रहा है। उन्होंने बताया कि बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी, लगातार बढ़ती मांग और मजबूत मार्केट एक्सीक्यूशन की वजह से कंपनी ने इतने अच्छे नतीजे हासिल करने में सफलता पाई है।
आगामी तीन वर्षों में 1000 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य
कंपनी अब अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत करने पर पूरा ध्यान दे रही है। इसके लिए रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में निवेश बढ़ाया जा रहा है। कंपनी घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए नई रणनीतियों पर फोकस कर रही है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि लिंकन फार्मास्यूटिकल्स ने अगले तीन सालों में ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू हासिल करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। कंपनी का लक्ष्य हर साल 15% से 18% की लगातार ग्रोथ हासिल करना है। इसके लिए ठोस योजना बनाई गई है।
इस बड़े लक्ष्य को पाने के लिए कंपनी कार्डियक, डायबिटीज, डर्मेटोलॉजी और ENT सेगमेंट में तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी नए बाजारों में एंट्री और हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर फोकस करेगी। इससे भविष्य में कंपनी की कुल कमाई और बढ़ सकती है।
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने बरकरार रखी मजबूत ग्रेडिंग
इसके अलावा रेटिंग एजेंसी CRISIL ने भी कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और लंबे इंडस्ट्री अनुभव को सराहा है। एजेंसी ने कंपनी की ‘CRISIL A/Stable/CRISIL A1’ रेटिंग को पहले की तरह बरकरार रखा है। यह रेटिंग स्थिरता का बड़ा प्रमाण है।
फार्मा सेक्टर में लगातार बढ़ती नई संभावनाओं और कंपनी की मजबूत रणनीति को देखते हुए निवेशक उत्साहित हैं। शेयर बाजार के निवेशकों की नजर अब लिंकन फार्मास्यूटिकल्स पर बनी हुई है। आने वाले समय में कंपनी के शेयरों में हलचल बढ़ सकती है।
लॉन्ग टर्म निवेश के लिहाज से भी इस शेयर को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल दिख रहा है। कंपनी के नए विस्तार और मैनेजमेंट के विजनरी फैसलों ने निवेशकों का भरोसा जीता है। आने वाली तिमाहियों में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।
Author: Rajesh Kumar


