शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 800 अंक टूटा, निवेशकों के करोड़ों डूबे, जानें गिरावट की असली वजह

Mumbai News: भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन बेहद निराशाजनक साबित हुआ। वैश्विक तनाव के बीच दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। बाजार खुलते ही प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। कुछ ही मिनटों में निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए। बाजार की इस बदहाली ने ट्रेडर्स के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। चौतरफा बिकवाली के कारण बाजार पूरी तरह से लाल निशान में डूब गया है।

सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट का दौर

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स आज भारी गिरावट के साथ खुला। सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 78,516 के मुकाबले फिसलकर सीधे 77,983 पर ओपन हुआ। देखते ही देखते इसमें 800 अंकों से अधिक की गिरावट आ गई और यह 77,693 के स्तर तक गिर गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी अछूता नहीं रहा। निफ्टी 24,378 के पिछले स्तर से गिरकर 24,202 पर खुला और फिर 24,134 के निचले स्तर तक पहुंच गया।

वैश्विक तनाव ने बिगाड़ा बाजार का मूड

बाजार के जानकारों का मानना है कि इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय कारक जिम्मेदार हैं। विशेष रूप से अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ता सैन्य तनाव चिंता का विषय बना हुआ है। इस भू-राजनीतिक संकट के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अचानक उछाल आया है। चूंकि भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए तेल की ऊंची कीमतों ने घरेलू बाजार पर गहरा नकारात्मक असर डाला है।

एशियाई बाजारों में भी दिखी घबराहट

अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र में हुई गिरावट का असर आज एशियाई बाजारों पर भी साफ दिखा। जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई शुरुआती कारोबार में ही करीब 650 अंक तक लुढ़क गया। इसके साथ ही हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी भारी दबाव में नजर आए। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने भी भारतीय बाजार की कमर तोड़ दी है। वर्तमान में वैश्विक अनिश्चितता ने छोटे निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

निवेशकों के लिए विशेषज्ञों की राय

बाजार में मचे इस कोहराम के बीच विशेषज्ञों ने निवेशकों को जल्दबाजी में कोई भी कदम न उठाने की सलाह दी है। बाजार में उच्च अस्थिरता (Volatility) बनी हुई है, इसलिए नए निवेश से पहले सावधानी जरूरी है। भू-राजनीतिक हालात सामान्य होने तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। फिलहाल आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी जा रही है। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को बचाने के लिए स्टॉप-लॉस का सख्ती से पालन करना चाहिए।

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