Business News: ग्लोबल मार्केट में मंदी और अमेरिकी डॉलर में मजबूती के कारण इंटरनेशनल मार्केट के साथ भारतीय सर्राफा बाजार में भी सोने-चांदी के दाम में भारी गिरावट देखी जा रही है। वैश्विक बाजार में गिरावट का आलम यह है कि गुरुवार सुबह सोना गिरकर नवंबर 2025 के बाद अपने सबसे निचले लेवल पर पहुंच गया है।
अमेरिकी डॉलर में मजबूती और ब्याज दर में बढ़ोतरी की संभावना के कारण निवेशकों ने सोने से दूरी बनाई है। इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड ढाई फीसदी टूटकर 3,997 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। इसके अलावा चांदी गिरकर 57 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है।
बुलियन मार्केट में भी 24 कैरेट वाले सोने की कीमत गिरकर 141,220 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई है। अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर बदलते अनुमान के बीच बाजार में पिछले कुछ समय से लगातार गिरावट बनी हुई है। सोने के साथ चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट देखी जा रही है।
दिल्ली सर्राफा बाजार और चांदी की कीमतों का ताजा हाल
दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार शाम को सोना 1,200 रुपये लुढ़ककर 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे पहले कारोबारी सत्र में यह 1,49,300 रुपये पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत में भी लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट देखी गई और कारोबार सुस्त रहा।
चांदी का भाव 4,000 रुपये टूटकर 2,31,000 रुपये प्रति किलो रह गया है। इससे पहले सत्र में इसमें 10,500 रुपये की भारी गिरावट देखी गई थी। जानकारों का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद चांदी अप्रैल की शुरुआत वाले निचले लेवल पर दोबारा पहुंच गई है।
ईरान जंग का संकट टलने और फेडरल रिजर्व का रुख
ग्लोबल लेवल पर कीमती धातुओं में आ रही गिरावट के पीछे दो अहम कारण हैं। पहला कारण ईरान जंग को लेकर दुनियाभर में बना हुआ डर अब कम होने लगा है। इससे निवेशकों ने सोने-चांदी से अपना प्रॉफिट बुक करके पैसा निकालना शुरू कर दिया है।
दूसरा सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख में आया बदलाव है। फेडरल रिजर्व ने अपनी हालिया नीतिगत बैठक में सख्त संकेत दिए हैं। इससे बाजार में इस बात की संभावना बढ़ गई है कि बैंक इस साल उम्मीद से पहले ब्याज दर में बढ़ोतरी कर सकता है।
व्यापारी यह मानकर चल रहे हैं कि फेडरल रिजर्व सितंबर महीने की शुरुआत में ही ब्याज दरें बढ़ा सकता है। साल की शुरुआत में सोने-चांदी जिस रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गए थे, उस लेवल से वर्तमान कीमतें काफी ज्यादा नीचे आ चुकी हैं।
रिकॉर्ड हाई लेवल से धड़ाम हुआ सोना और चांदी
चांदी जनवरी 2026 में 121 डॉलर प्रति औंस के ऑल टाइम हाई से आधे से भी कम दाम पर कारोबार कर रही है। ग्लोबल मार्केट में आज सुबह चांदी गिरकर 57 डॉलर प्रति औंस से भी नीचे आ गई। यह दिसंबर 2025 के बाद इसका सबसे निचला लेवल है।
सोना भी जनवरी में बनाए गए अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड लेवल 5,594.82 डॉलर प्रति औंस से 1,500 डॉलर से ज्यादा गिर चुका है। पृथ्वी फिनमार्ट के डायरेक्टर मनोज कुमार जैन कहते हैं कि इंटरनेशनल मार्केट में अमेरिकी डॉलर इस समय अपने 13 महीने के रिकॉर्ड हाई लेवल पर है।
डॉलर के मजबूत होने का सीधा असर सोने और चांदी के दाम पर पड़ता है। दुनिया में महंगाई की उम्मीद कम होने से भी सोने को मिलने वाला सपोर्ट कमजोर हुआ है। फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के कारण सितंबर तक ब्याज दर बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और बुलियन मार्केट का नया रेट
केंद्रीय बैंकों की तरफ से की जा रही लगातार खरीदारी की वजह से सोने को 3,900 डॉलर के नीचे मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। इससे यह और बड़ी गिरावट से बच सकता है। आने वाले कुछ समय तक सोने के दाम इसी तरह सीमित दायरे में बने रह सकते हैं।
बुलियन मार्केट में बुधवार को सोने-चांदी के दाम में भारी गिरावट देखी गई। कारोबारी सत्र के अंत में 24 कैरेट वाले सोने का रेट गिरकर 141,220 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसके अलावा 22 कैरेट वाला सोना 129,452 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
इसके साथ ही 20 कैरेट गोल्ड 117,683 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट गोल्ड गिरकर 105,915 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी के रेट की बात करें तो यह गिरकर 213,440 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जिससे ग्राहकों को राहत मिली है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन यानी आईबीजेए द्वारा बुधवार शाम को जारी रेट में भी भारी गिरावट देखी गई। 24 कैरेट वाला सोना बुधवार शाम को 142,178 रुपये प्रति 10 ग्राम पर देखा गया, जो पिछले दिनों के मुकाबले काफी कम है।
इसके अलावा 23 कैरेट वाला सोना गिरकर 141,609 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट गोल्ड 130,235 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट गोल्ड 106,634 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी की बात करें तो यह 2,22,035 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

