Business News: ग्लोबल मार्केट से आम आदमी और देश की इकोनॉमी दोनों के लिए राहत भरी खबर आई है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने के बाद इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। आज यह गिरकर 75 डॉलर प्रति बैरल के लेवल से भी नीचे आ गया है।
इस बड़ी गिरावट का सबसे मुख्य कारण होर्मुज स्ट्रेट का दोबारा खुलना माना जा रहा है। हालांकि इस राहत के बावजूद तेल की कीमतें अभी भी जंग शुरू होने से पहले वाले 65 से 70 डॉलर प्रति बैरल के लेवल पर नहीं लौट पाई हैं। फिलहाल ब्रेंट क्रूड 73.4 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेंड कर रहा है।
इसके साथ ही डब्ल्यूटीआई क्रूड के दाम भी गिरकर 70 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गए हैं। दूसरी तरफ इंडियन ऑयल बास्केट की कीमत 74.34 डॉलर प्रति बैरल पर दर्ज की गई है। यह कीमत दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष के दौरान के रिकॉर्ड हाई लेवल की तुलना में आधी से भी कम है।
संघर्ष के बाद भारतीय ऑयल बास्केट और भारत की समझदारी
अगर कुछ समय पीछे जाएं तो अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष से पहले ब्रेंट क्रूड और भारतीय ऑयल बास्केट दोनों ही औसतन 65-70 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहे थे। लेकिन जंग छिड़ते ही ग्लोबल मार्केट की पूरी स्थिति तेजी से बिगड़ गई थी।
इस बड़े संकट के चरम पर ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। इस भयंकर संकट के बीच भारत ने बेहद समझदारी दिखाते हुए अपनी इंपोर्ट पॉलिसी में जरूरी बदलाव किया। मार्च में वेस्ट एशिया से सप्लाई रुकने के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने दूसरी जगहों से तेल खरीदना शुरू कर दिया था।
भले ही अब होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खुल गया है लेकिन एसएंडपी ग्लोबल एनर्जी का मानना है कि ऑयल प्रोडक्शन और व्यापार को पूरी तरह नॉर्मल होने में थोड़ा समय लगेगा। इसके कारण जून और जुलाई के महीनों में ग्लोबल ऑयल स्टॉक में कमी आ सकती है, जिससे कीमतों पर फिर दबाव बढ़ेगा।
क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव और जेपी मॉर्गन का अनुमान
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें काफी अस्थिर रह सकती हैं। ब्रेंट क्रूड जो अभी 73 डॉलर के आसपास आ गया है, वह आने वाले समय में दोबारा 80 से 90 डॉलर के दायरे में जा सकता है। हालात बिगड़ने पर यह 100 डॉलर तक भी पहुंच सकता है।
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने भी ब्रेंट क्रूड के अपने पुराने अनुमान को घटा दिया है। उन्होंने साल 2026 की तीसरी तिमाही में इसके 86 डॉलर रहने की बात कही है। इसके साथ ही चौथी तिमाही में इसके 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बने रहने की बड़ी उम्मीद जताई है।
भारतीय बाजार में पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट्स
इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतों में गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार में अभी पेट्रोल-डीजल पुराने ही रेट पर मिल रहा है। सरकारी तेल कंपनियों की तरफ से गुरुवार सुबह जारी किए गए ताजा रेट के अनुसार देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।
देश की राजधानी दिल्ली में गुरुवार को पेट्रोल और डीजल अपने पुराने लेवल पर ही स्थिर बने रहे। आज दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है। जिससे आम जनता को रोजमर्रा के बजट में फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं देखना पड़ा है।
हालांकि पिछले दिनों केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक बड़ा इशारा दिया था। उन्होंने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से कम कीमत पर खरीदा गया क्रूड ऑयल जब भारतीय रिफाइनरियों तक पूरी तरह पहुंच जाएगा, उसके बाद देश में पेट्रोल-डीजल के दाम घटाए जा सकते हैं।

