TCS के शेयर में 3% से अधिक की गिरावट, अच्छे नतीजों के बावजूद ब्रोकरेज की सतर्कता से टूटे दांव

Business News: टाटा समूह की कंपनी टीसीएस (TCS) के शेयरों में चौथी तिमाही के नतीजों के बाद भारी गिरावट आई है। शुरुआती कारोबार में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर 3 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए। यह गिरावट ब्रोकरेज फर्मों की सतर्क टिप्पणियों के कारण आई है। हालांकि कंपनी का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप रहा है।

Q4 के नतीजे उम्मीदों पर खरे, फिर भी शेयर टूटा

मार्च तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी हद तक उम्मीदों के अनुरूप रहा। राजस्व में वृद्धि हुई है और मार्जिन स्थिर रहे हैं। कंपनी ने मजबूत सौदे भी हासिल किए हैं। इसके बावजूद ब्रोकरेज फर्मों ने शेयरों पर सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी। निवेशकों को यह रुख पसंद नहीं आया, जिससे शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

इस स्तर पर खुला और लुढ़का शेयर

टीसीएस के शेयर 10 अप्रैल को 2565 रुपये पर खुले। कारोबार के दौरान यह 2505 रुपये के स्तर तक आ गया। इससे पहले मार्च में शेयरों में शानदार रिकवरी देखने को मिली थी। तब यह 2348 रुपये के निचले स्तर से उठकर 2605 रुपये तक पहुंच गया था। फिलहाल शेयर 2502 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है।

ब्रोकरेज फर्मों की राय: किसने क्या कहा?

टीसीएस के शेयरों पर अधिकांश ब्रोकरेज फर्मों का रुख सकारात्मक बना हुआ है। सीएलएसए, जेपी मॉर्गन, नोमुरा और गोल्डमैन सैक्स ने पॉजिटिव रेटिंग बरकरार रखी है। इन फर्मों ने कंपनी के मजबूत सौदों, बेहतर डिमांड और एआई को लेकर हो रहे विकास को बेहतर बताया है। एचएसबीसी ने शेयरों पर ‘होल्ड’ की रेटिंग दी है। वहीं जेफरीज ने ‘अंडरपरफॉर्म’ रेटिंग के साथ सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

एक्सपर्ट ने बताए शेयर के सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल

आनंद राठी इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के जिगर एस पटेल ने शेयरों के लिए अहम लेवल बताए हैं। उनके अनुसार, टीसीएस के लिए 2450 रुपये का स्तर मजबूत सपोर्ट है। वहीं 2605 रुपये पर बड़ा रेजिस्टेंस मौजूद है। अगर गिरावट और गहराती है तो शेयर 2480 रुपये के स्तर तक जा सकता है। निवेशकों को इन लेवल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

पिछले एक साल में 20 फीसदी टूट चुके हैं शेयर

बता दें कि पिछले एक साल में टीसीएस के शेयर में करीब 20 फीसदी की गिरावट आई है। निफ्टी 50 के मुकाबले यह प्रदर्शन काफी कम है। पूरे आईटी सेक्टर में एआई को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। निवेशक इस तकनीकी बदलाव के असर को लेकर सतर्क हैं। इसका सीधा असर आईटी शेयरों पर देखने को मिल रहा है।

- Advertisement -

Hot this week

Related Articles

Popular Categories