Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने कई हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस दिल दहला देने वाले हादसे में कुल 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
आग की लपटों के बीच फंसे एक बेबस युवक ने अपने पिता को आखिरी बार फोन कर मदद की गुहार लगाई थी। उसने बेहद घबराई हुई आवाज में कहा, “पापा, यहां आग लग गई है, मुझे बचा लीजिए।” इसके कुछ ही समय बाद उसका फोन कट गया और संपर्क पूरी तरह टूट गया।
बचाव कार्य में देरी का आरोप, जान बचाने के लिए लोगों ने ऊपर से लगाई छलांग
चश्मदीदों के मुताबिक, आग सबसे पहले इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित पालतू जानवरों की एक दुकान में लगी थी। देखते ही देखते जहरीला धुआं और तेज लपटें पूरी बहुमंजिला बिल्डिंग में फैल गईं। खुद को घिरता देख कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से नीचे छलांग लगा दी।
हादसे के बाद कुल 24 लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 15 लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में शामिल आदित्य श्रीवास्तव की मां ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते राहत और बचाव कार्य तेज़ी से शुरू किया जाता, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
इकलौते कमाने वाले अब्दुल की मौत से बिखरा परिवार, एसआईटी जांच शुरू
इस हादसे में जान गंवाने वाला अब्दुल रहमान अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके पिता लकवाग्रस्त हैं और मां गृहिणी हैं। कुछ महीने पहले ही उसकी नौकरी लगी थी। अब्दुल की असमय मौत के बाद उसका पूरा परिवार गहरे आर्थिक और मानसिक संकट में डूब गया है।
घटना के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। सरकार ने हादसे की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस संबंधित व्यावसायिक भवन को वर्षों पहले ही असुरक्षित घोषित किया जा चुका था।

