Punjab News: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। निहंग सिंह फौजों ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश सरकारों तथा प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि इस मसले का कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो वे बड़ा कदम उठाएंगे।
निहंगों ने दी 21 जून तक की आखिरी डेडलाइन
बाबा अच्छर सिंह महाकाल ने बताया कि इस टैक्स के कारण संगत और आम जनता में भारी असंतोष है। निहंग सिंहों ने चेतावनी दी है कि यदि 21 जून से पहले समाधान नहीं हुआ, तो वे चंडीगढ़-कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे पर स्थित गांव मोड़ा में दोबारा स्थायी रूप से ‘खालसा टैक्स’ बैरियर लगा देंगे।
स्थायी बैरियर लगाकर हाईवे पर मोर्चा खोलने की तैयारी
निहंग नेताओं ने स्पष्ट किया कि पूर्व में लगाया गया खालसा टैक्स केवल एक प्रतीकात्मक विरोध था। हालांकि, सरकारों के कथित ढुलमुल रवैये को देखते हुए अब इसे स्थायी तौर पर लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में तनाव काफी बढ़ गया है।
बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी तो बढ़ा रोष
निहंग नेताओं ने प्रशासन के रवैये पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने उन्हें आज दोपहर 12 बजे श्री आनंदपुर साहिब में एक मीटिंग के लिए बुलाया था। हालांकि, घंटों इंतजार करने के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी उनसे बातचीत करने के लिए वहां नहीं पहुंचा।
कैबिनेट मंत्री या मुख्यमंत्री स्तर पर वार्ता की मांग
निहंग नेताओं ने जोर देकर कहा कि यह दो राज्यों से जुड़ा एक बड़ा नीतिगत मामला है। इसका समाधान स्थानीय अधिकारियों के स्तर पर संभव नहीं है। इसलिए, उन्होंने सीधे कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस या मुख्यमंत्री भगन्तर मान से एक विशेष पैनल मीटिंग कराने की मांग की है।
निहंग सिंहों ने साफ किया कि यदि 21 जून तक उच्च स्तर पर आमने-सामने बातचीत नहीं होती है, तो वे हाईवे पर मोर्चा खोल देंगे। इसके साथ ही, उन्होंने उत्तराखंड में निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच हुई हालिया झड़प के मामले में भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
Reported By: Gurpreet Singh


