Washington News: साल 2024 में अमेरिका के बाल्टीमोर में हुए भीषण ‘फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज’ हादसे में एक नया और बड़ा मोड़ आया है। इस हादसे के शिकार मालवाहक जहाज ‘डाली’ के भारतीय चीफ इंजीनियर कार्तिकेयन दीनदयालन पर अमेरिकी अदालत में आपराधिक आरोप तय किए गए हैं।
चीफ इंजीनियर पर आरोप है कि उन्होंने जहाज पर मौजूद बेहद खतरनाक तकनीकी खराबी की जानकारी अमेरिकी कोस्ट गार्ड से छिपाई। अमेरिकी जिला अदालत में सोमवार को दीनदयालन के खिलाफ ‘फेडरल पोर्ट एंड वॉटरवेज सेफ्टी एक्ट’ के गंभीर उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुकदमा टालने के समझौते पर विचार
इस बीच, अमेरिकी सरकारी वकीलों ने कोर्ट में ‘डेफर्ड प्रॉसिक्यूशन एग्रीमेंट’ (मुकदमा टालने का समझौता) का एक अहम नोटिस भी दाखिल किया है। इस समझौते के तहत यदि आरोपी गवाही देने या नुकसान की भरपाई करने जैसी शर्तें मान लेता है, तो उसके खिलाफ लगे आरोप हटाए जा सकते हैं।
अभियोजकों के मुताबिक, जब कार्गो शिप ‘डाली’ की टक्कर ऐतिहासिक पुल से हुई थी, तब दीनदयालन ही जहाज के चीफ इंजीनियर थे। वकीलों का दावा है कि दीनदयालन को अच्छी तरह पता था कि जहाज के दो मुख्य जनरेटर बिना किसी बैकअप सिस्टम के एक गलत फ्यूल पंप के भरोसे चल रहे थे।
महज 4 मिनट में हुआ पूरा हादसा
रिपोर्ट के अनुसार, जब जहाज बाल्टीमोर बंदरगाह से आगे बढ़ रहा था, तो महज चार मिनट के भीतर दो बार उसकी बिजली पूरी तरह गुल हो गई। स्विचबोर्ड में एक ढीले तार की वजह से पहली बार ब्लैकआउट हुआ, जिससे जहाज का स्टीयरिंग सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया था।
इसके तुरंत बाद जब बिजली वापस आई, तो जहाज एक और बड़ी मुसीबत में फंस गया। दरअसल, जो दो जनरेटर फ्यूल पंप का इस्तेमाल कर रहे थे, वे बिजली जाने के बाद स्वतः चालू होने के लिए डिजाइन नहीं किए गए थे। इस वजह से जहाज की बिजली दोबारा चली गई और वह सीधे पुल से जा टकराया।
इस भयानक टक्कर के बाद पूरा विशालकाय पुल ताश के पत्तों की तरह ढह गया था। हादसे के वक्त पुल पर मरम्मत का काम कर रहे छह निर्माण श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई थी। फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल मामले में दीनदयालन के वकीलों ने ईमेल पर कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
Author: Pallavi Sharma


