Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में स्थित एक नामी पब्लिक स्कूल में हुए भीषण गोलीकांड के बाद बच्चों के अभिभावक बुरी तरह सहमे हुए हैं। इस दर्दनाक वारदात के बाद वीरवार को जब स्कूल दोबारा खुला, तो वहां बच्चों की उपस्थिति आधे से भी कम दर्ज की गई।
सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल में कुल 850 से अधिक छात्र पढ़ाई करते हैं। मर्डर की घटना के खौफ के कारण वीरवार को केवल 300 बच्चे ही क्लास पहुंचे। वारदात के बाद मैनेजमेंट ने बुधवार तक स्कूल में छुट्टी कर दी थी, लेकिन अब पढ़ाई दोबारा शुरू करा दी गई है।
अभिभावकों की मांग पर स्कूल के बाहर पुलिस तैनात
स्कूल प्रिंसिपल और पीटीए की गंभीर मांग के बाद शिमला पुलिस ने परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी है। अब स्कूल गेट पर सुबह आठ से शाम चार बजे तक दो कांस्टेबल लगातार तैनात रहेंगे। शनिवार को हुए इस मर्डर के बाद पैरेंट्स अपने बच्चों को स्कूल भेजने में लगातार हिचकिचा रहे हैं।
पीटीए के प्रतिनिधियों ने इस बेहद संवेदनशील मामले को लेकर एसपी शिमला से विशेष मुलाकात की थी। पीटीए अध्यक्ष सोनू चंदेल ने बताया कि उन्होंने पुलिस कप्तान से मिलकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने की गुहार लगाई थी, क्योंकि गोलीबारी की इस घटना से छात्रों में भारी डर का माहौल है।
प्रबंधन की अपील और दूसरे स्कूलों में दाखिले की होड़
स्कूल प्रबंधन ने पैरेंट्स से बिना किसी डर के बच्चों को भेजने की अपील की है। प्रिंसिपल नीरज ने भरोसा दिलाया कि पुलिस की मौजूदगी से अब माहौल पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, कुछ डरे हुए अभिभावक बीच सत्र में ही अपने बच्चों का एडमिशन दूसरे स्कूलों में कराने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बीच पीटीए पदाधिकारियों ने स्थानीय विधायक और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से भी मुलाकात की है। उन्होंने सरकार के समक्ष बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य का गंभीर मुद्दा रखा, ताकि छात्र खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर सकें और उनकी पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
Reported By: Sunita Gupta


