Lucknow News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गोशालाओं को बड़े उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने और ईंधन के नए वैकल्पिक स्रोत तैयार करने के लिए एक बेहद शानदार योजना लेकर आई है। राज्य सरकार अब बायोगैस प्लांट लगाने के लिए भारी सब्सिडी देने जा रही है।
पशुपालन विभाग द्वारा इस जनकल्याणकारी योजना का एक विस्तृत प्रस्ताव बहुत तेजी से तैयार किया जा रहा है। सोमवार को विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित एक उच्च स्तरीय विभागीय बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने इस प्रस्ताव पर गहन चर्चा की।
पशुधन मंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश की प्रत्येक गोशाला में अनिवार्य रूप से गोबर गैस प्लांट स्थापित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गोशालाओं को पूरी तरह से आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि घरों में मिनी बायोगैस प्लांट लगाने पर औसतन 30 हजार से 40 हजार रुपये तक का खर्च आता है। आम जनता को इस तकनीक के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए सरकार कुल लागत पर 50 प्रतिशत का सीधा अनुदान (सब्सिडी) देगी।
चार गाय गोद लेने पर मिलेंगे 72 हजार रुपये, मनरेगा से बनेगा शेड
सरकार ने इस योजना को पशु संरक्षण से भी बहुत खूबसूरती से जोड़ा है। यदि कोई व्यक्ति चाहे, तो वह बायोगैस प्लांट लगाने के साथ-साथ चार गोवंशीय पशुओं को भी आसानी से गोद ले सकेगा। इस योजना के तहत संबंधित व्यक्ति को चार गायों की देखभाल के लिए सालाना 72 हजार रुपये की बड़ी आर्थिक सहायता मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, पशुओं के रख-रखाव के लिए मनरेगा योजना के माध्यम से एक पक्का शेड भी बनवाकर देने का बेहतरीन प्रस्ताव तैयार किया गया है। वहीं, बड़े पैमाने पर संचालित गोशालाओं में बायोगैस प्लांट स्थापित करने के लिए भी विशेष सरकारी अनुदान दिया जाएगा, जिसकी राशि जल्द तय होगी।
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि गोशालाओं के निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़े सभी जरूरी कार्य अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी नियमित रूप से गोशालाओं का निरीक्षण करें और वहां भूसा व हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। इसके साथ ही, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक आधुनिक पशु चिकित्सालय की स्थापना के लिए स्थानीय विधायकों से जल्द प्रस्ताव लेकर आगे की आवश्यक विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए।
Author: Ajay Mishra

