Uttar Pradesh News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की पूर्ववर्ती विपक्षी सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोमवार को कहा कि नौ साल पहले उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था बेहद खराब थी। तब राजधानी लखनऊ में पुलिस की सरकारी जमीन पर ही एक कुख्यात माफिया ने अवैध कब्जा कर रखा था।
भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद इस कीमती जमीन को पूरी तरह खाली कराया गया। अब वहां भव्य स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट का निर्माण कराया गया है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग यानी डी-3 त्रिवेणी कार्यक्रम के दौरान कंटेंट क्रिएटर्स से सीधा संवाद किया।
बुलडोजर का खौफ देखकर माफिया ने खुद छोड़ी जमीन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि तत्कालीन सरकार के सीधे संरक्षण में वह माफिया बेहद शक्तिशाली हो चुका था। उस वक्त स्थानीय पुलिस में इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह अपनी ही जमीन वापस ले सके। लेकिन डबल इंजन सरकार का बुलडोजर देखते ही माफिया ने आत्मसमर्पण कर दिया।
माफिया ने डर के मारे खुद अपनी इच्छा से वह जमीन उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी। आधिकारिक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने इस विशेष मीडिया सत्र में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, मेडिकल शिक्षा, डिफेंस कॉरिडोर, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।
लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में अब लखनऊ में आधुनिक ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने करीब दो सौ एकड़ की बड़ी भूमि रक्षा विभाग को बिल्कुल मुफ्त में उपलब्ध कराई है, जो देशहित में जरूरी कदम है।
इस कारखाने में हर साल लगभग एक सौ पचास ब्रह्मोस मिसाइलें बनाई जाएंगी। इससे उत्तर प्रदेश सरकार को प्रतिवर्ष करीब एक सौ पैंतीस करोड़ रुपये का भारी राजस्व जीएसटी के रूप में प्राप्त होगा। इस कॉरिडोर में पैंतीस हजार करोड़ रुपये के बड़े निवेश प्रस्ताव भी मिल चुके हैं।
मीडिया का काम सिर्फ सच दिखाना है व्यक्तिगत विचार नहीं
वर्तमान परिदृश्य में मीडिया की वास्तविक भूमिका पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल नकारात्मक खबरों को ही मुख्य समाचार मानना बिल्कुल गलत है। खबर को पूरी तरह निष्पक्ष रूप में पेश करना ही मुख्य रूप से पत्रकारों और मीडिया हाउसों का असली और जरूरी काम होना चाहिए।
उन्होंने साफ लहजे में कहा कि न्यूज के साथ अपने व्यक्तिगत व्यूज को मिक्स नहीं किया जाना चाहिए। विचारों के लिए अखबारों में हमेशा एक अलग कॉलम होता है। कंटेंट क्रिएटर्स को ओपिनियन मेकर के रूप में समाज को सच के साथ मजबूती से आगे बढ़ने का अटूट साहस देना चाहिए।
Author: Ajay Mishra


