Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में 32,679 पदों के लिए यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का पहला दिन भारी गहमागहमी के बीच संपन्न हुआ। दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा में जहां लाखों युवाओं ने अपना भाग्य आजमाया, वहीं एक बड़ी संख्या ऐसी भी रही जिन्होंने परीक्षा छोड़ दी। कड़ी सुरक्षा के बावजूद नकल की कोशिश करने वालों और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने बेहद सख्त रुख अपनाया है।
पहले ही दिन ढाई लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पहले दिन की दोनों शिफ्टों के लिए कुल 9,62,832 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से केवल 7,23,540 अभ्यर्थी ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। इस प्रकार करीब 2,39,292 अभ्यर्थियों ने परीक्षा से दूरी बना ली। प्रतिशत के लिहाज से देखें तो पहले दिन उपस्थिति लगभग 75% दर्ज की गई। परीक्षा देकर निकले अधिकांश छात्रों ने प्रश्नपत्र के स्तर को औसत (मॉडरेट) बताया।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस का कड़ा एक्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों का असर जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है। पुलिस प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के साथ-साथ डिजिटल दुनिया पर भी अपनी पैनी नजर रखी। पेपर लीक की झूठी अफवाह फैलाने के आरोप में ‘UPP Exam Paper’ नामक टेलीग्राम ग्रुप के खिलाफ लखनऊ के हुसैनगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही आजमगढ़ के बिलरियागंज में इंस्टाग्राम पर अफवाह फैलाने के जुर्म में आशुतोष कुमार मौर्य को हिरासत में लिया गया।
परीक्षा केंद्रों में पकड़े गए शातिर ‘मुन्ना भाई’, मोबाइल फोन बरामद
कड़े पहरे के बीच पहले दिन नियम तोड़ने वाले कई जालसाजों पर गाज गिरी है। हापुड़ के सर्वोदय इंटर कॉलेज केंद्र पर सचिन सिंह नाम के अभ्यर्थी को मोबाइल फोन के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। वह वॉशरूम के बहाने मोबाइल छिपाकर ले गया था। इसी तरह गोरखपुर के नीना थापा इंटर कॉलेज में बिहार के नालंदा निवासी राम प्रकाश कुमार को परीक्षा के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया। पुलिस दोनों पर केस दर्ज कर चुकी है।
एसटीएफ और जैमर के साए में दूसरे दिन का कड़ा इम्तिहान
भर्ती बोर्ड और स्थानीय प्रशासन दूसरे दिन की परीक्षा को लेकर भी पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी परीक्षा केंद्रों पर अत्याधुनिक जैमर, सीसीटीवी कैमरे और बायोमेट्रिक हाजिरी की अनिवार्य व्यवस्था की गई है। किसी भी प्रकार की धांधली या पेपर लीक की कोशिश को नाकाम करने के लिए एसटीएफ (STF) की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। प्रशासन का मुख्य जोर बिना किसी विवाद के पूरी पारदर्शिता के साथ इस प्रक्रिया को पूरा करना है।
तीन दिनों तक छह पालियों में चलेगा सुरक्षा का यह महाचक्र
यह विशाल सिपाही भर्ती परीक्षा कुल तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें छह पालियों में परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। इस परीक्षा में राज्य और बाहर से करीब 28 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया है। पहले दिन की भारी सख्ती और ताबड़तोड़ कार्रवाइयों ने प्रदेश भर में यह साफ संदेश दे दिया है कि गड़बड़ी करने वाले किसी भी शरारती तत्व या सॉल्वर गैंग को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


