Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव बेहद दिलचस्प और कांटे का होने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की तीसरी सीट पर भी अपना उम्मीदवार उतारकर विपक्ष के होश उड़ा दिए हैं। इसके साथ ही दोनों खेमों में राजनीतिक हलचल बहुत तेज हो गई है।
दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी के पास इस तीसरी सीट को आसानी से जीतने के लिए पर्याप्त वोट नहीं हैं। यहां पार्टी का सीधा मुकाबला कांग्रेस की दिग्गज नेता मीनाक्षी नटराजन से होने जा रहा है। बीजेपी के इस बड़े कदम के बाद से ही क्रॉस वोटिंग की अटकलें तेज हो गई हैं।
बीजेपी का बड़ा दांव, महेश केवट पहुंचे मैदान में
मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर आगामी 18 जून को मतदान होना है। बीजेपी ने पहले ही दो सीटों पर अपने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा था। इन दोनों ही नेताओं ने शनिवार को अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया है।
इसके बाद रविवार को बीजेपी ने अचानक बड़ा दांव चला। पार्टी ने मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को अपनी तीसरी सीट का आधिकारिक प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस घोषणा से पहले भोपाल में मुख्यमंत्री आवास पर देर रात तक वरिष्ठ नेताओं की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक चली थी।
क्यों बढ़ गई है कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की चिंता?
मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायकों की संख्या के हिसाब से कांग्रेस के लिए यह सीट जीतना बहुत आसान माना जा रहा था। हालांकि अब जब बीजेपी ने महेश केवट को उतारकर अपनी दावेदारी पेश कर दी है, तो मुकाबला पूरी तरह फंस गया है।
अगर चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, तो बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार की जीत की राह पूरी तरह साफ हो जाएगी। ऐसे में पहले से तय मानी जा रही मीनाक्षी नटराजन की जीत अब पूरी तरह संकट में पड़ती हुई दिखाई दे रही है।
समझें विधानसभा का पूरा गणित और वोटों का समीकरण
मध्य प्रदेश की विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं, लेकिन इस चुनाव में केवल 228 सदस्य ही अपना वोट डाल पाएंगे। इसकी मुख्य वजह विजयपुर के विधायक मुकेश मल्होत्रा के वोट देने पर लगी अदालती रोक और बीना की विधायक निर्मला सप्रे का रुख साफ न होना है।
वोटों का पूरा गणित समझने के लिए इन आंकड़ों को देखें:
- कुल विधानसभा सीटें: 230 (एक सीट वर्तमान में खाली है)
- बीजेपी के पास विधायक: 164 (दो सीटों पर जीत पूरी तरह तय)
- कांग्रेस के पास विधायक: 64 (लेकिन प्रभावी वोट केवल 62 ही हैं)
- जीत के लिए जरूरी वोट: प्रत्येक उम्मीदवार को कम से कम 58 वोट चाहिए।
इस समीकरण के लिहाज से बीजेपी को अपनी तीसरी सीट जिताने के लिए 10 अतिरिक्त मतों की भारी जरूरत होगी। वहीं कांग्रेस के पास अपनी एक सीट जीतने के बाद भी 4 अतिरिक्त वोट बचेंगे। अगर कांग्रेस में कोई टूट नहीं होती है, तो नटराजन की राह आसान रहेगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा इशारा और कांग्रेस का दावा
इस पूरे सियासी घटनाक्रम के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को इंदौर में मीडिया से बात करते हुए मजाकिया अंदाज में बड़ा इशारा किया था। जब उनसे तीसरी सीट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘यह सीट आएगी मतलब जाएगी कहां?’
दूसरी तरफ कांग्रेस ने दावा किया है कि उसके सभी विधायक पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में पूरी तरह एकजुट हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने किसी भी तरह के मतभेद या टूट की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए 18 जून को बड़ी जीत का भरोसा जताया है।
Vijay Chouhan


