Prayagraj News: यमुनापार इलाके के मुंगारी टोल प्लाजा पर लंबे समय से चल रहा अवैध वसूली का काला खेल अब खाकी की रडार पर आ गया है। ट्रक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष की कड़ी शिकायत के बाद औद्योगिक थाना पुलिस ने टोल संचालक और उसके कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप है कि यहाँ डंपर और ट्रक चालकों से न केवल अवैध नकद वसूली की जा रही थी, बल्कि नियमों को ताक पर रखकर ओवरलोड वाहनों को भी धड़ल्ले से पास कराया जा रहा था। इस पूरे मामले ने टोल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ओवरलोड वाहनों से नकद वसूली और राजस्व को चपत
मेजा क्षेत्र के औंता गांव निवासी कमल कुमार मिश्रा ने पुलिस को दी तहरीर में इस सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। 25 मार्च की रात जब वे घर लौट रहे थे, तब उन्होंने मुंगारी टोल पर खुलेआम अवैध वसूली होते देखी। शिकायत के मुताबिक, टोल कर्मचारी मोटी रकम लेकर ओवरलोड वाहनों को बिना किसी जांच या पर्ची के आगे बढ़ा रहे थे। यह सीधे तौर पर सरकारी राजस्व की चोरी का मामला है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टोल मैनेजर दिलीप यादव समेत पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की कमान संभाल ली है।
विरोध करने पर गुंडागर्दी और मारपीट का आरोप
टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों का रवैया वाहन चालकों के प्रति बेहद हिंसक और अभद्र बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों और चालकों का आरोप है कि अवैध वसूली का विरोध करने पर कर्मचारी मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। शिकायत में कहा गया है कि टोल पर ऐसे संदिग्ध युवकों को रखा गया है जिनकी छवि साफ नहीं है। ये युवक राहगीरों को डराने-धमकाने और जबरन पैसे वसूलने का काम करते हैं। पहले भी इस तरह की शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से इन कर्मचारियों के हौसले बुलंद थे।
नदारद सुविधाएं और सुरक्षा के साथ खिलवाड़
मुंगारी टोल प्लाजा पर सिर्फ वसूली का ही आतंक नहीं है, बल्कि यहाँ बुनियादी सुरक्षा मानकों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नियमों के मुताबिक टोल पर एंबुलेंस और रिकवरी वैन जैसी आपातकालीन सुविधाएं होनी चाहिए, जो यहाँ गायब मिलीं। ओवरलोड वाहनों को अवैध तरीके से रास्ता देने की वजह से सड़कों की हालत खराब हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। यात्रियों का कहना है कि अगर सड़क पर कोई हादसा हो जाए, तो सहायता के लिए यहाँ कोई मुकम्मल इंतजाम नहीं हैं।
पुलिस की सख्त चेतावनी: बिना वेरिफिकेशन काम नहीं चलेगा
इस पूरे विवाद पर एसीपी सुनील कुमार सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि टोल प्लाजा को अराजकता का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। पुलिस अब उन कर्मचारियों की सूची तैयार कर रही है जो बिना पुलिस वेरिफिकेशन के यहाँ काम कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई के बाद से टोल माफियाओं में हड़कंप मचा है। पुलिस की टीमें अब टोल के पुराने रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं ताकि इस संगठित लूट की जड़ तक पहुंचा जा सके।


