Lifestyle: घर की बालकनी या छत पर उगाई जाने वाली ताजी हरी मिर्च का स्वाद और खुशबू बाजार की मिर्च से कहीं ज्यादा लाजवाब होती है। खाने के साथ पौधे से तुरंत तोड़कर खाई गई मिर्च भोजन का मजा दोगुना कर देती है। इसे गमले में उगाना बेहद आसान है।
हरी मिर्च का एक स्वस्थ पौधा उगाने के लिए सबसे पहले सही और उत्तम बीजों का चुनाव करना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए आप किसी अच्छी नर्सरी से बीज ला सकते हैं। इसके अलावा घर में रखी सूखी लाल मिर्च के दानों का इस्तेमाल करना भी एक बेहतरीन तरीका है।
अगर आप सूखी लाल मिर्च से बीज निकाल रहे हैं, तो इन्हें बोने से पहले एक दिन धूप में अच्छे से सुखा लें। मिर्च का पौधा लगाने के लिए उपजाऊ और हवादार मिट्टी तैयार करें, जिसमें पानी बिल्कुल न ठहरे। मिट्टी को छोटे बर्तन या सीडलिंग ट्रे में भर लें।
बीज अंकुरण और बड़े गमले में शिफ्ट करने का तरीका
तैयार मिट्टी में बीजों को आधा सेंटीमीटर गहरा बोएं और ऊपर से हल्की मिट्टी डालकर ढक दें। शुरुआत में इसे किसी गर्म जगह पर रखें जहां सीधी धूप न आती हो। बीजों को अंकुरित होकर बाहर निकलने में लगभग एक से दो हफ्ते का समय लग सकता है।
जब छोटे पौधे कुछ सेंटीमीटर लंबे हो जाएं और उनमें पत्तियां आ जाएं, तो इन्हें किसी बड़े गमले में शिफ्ट कर दें। गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छोटा छेद जरूर बनाएं। इस पौधे को रोजाना कम से कम 6 घंटे की अच्छी और सीधी धूप मिलना बहुत जरूरी है।
सिंचाई का सही नियम और कीड़ों से पौधे का बचाव
मिर्च के पौधे में लोग अक्सर जरूरत से ज्यादा पानी देने की बड़ी गलती करते हैं। मिट्टी को बहुत ज्यादा गीला रखने के बजाय सिर्फ नम रखें। गमले में पानी तभी डालें जब मिट्टी की ऊपरी परत पूरी तरह सूखी हुई नजर आए। ज्यादा गर्मी में कोकोपीट का इस्तेमाल करें।
जब पौधे में सफेद फूल आने लगें, तो इसे ज्यादा पोषण की जरूरत होती है। इस समय पौधे में जैविक खाद या वर्मीकंपोस्ट जरूर डालें। कीड़ों और फंगस से सुरक्षित रखने के लिए हर 15 दिन में नीम के तेल का छिड़काव पौधे पर करते रहें।
मिर्च बोने के लगभग 2 से 3 महीने बाद हरी मिर्च पूरी तरह तोड़ने के लिए तैयार हो जाती हैं। समय-समय पर मिर्च को कैंची की मदद से काटते रहें। आप जितनी मिर्च तोड़ेंगे, पौधे में उतनी ही तेजी से नए फूल और ढेर सारी नई मिर्चियां आती रहेंगी।
Author: Karuna Sen


