Madhya Pradesh News: एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने जांच की दिशा पूरी तरह बदल दी है। सीबीआई ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह और उनकी मां, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया।
केंद्रीय जांच एजेंसी के सरकारी वकीलों ने दोनों आरोपियों की पांच-पांच दिनों की पुलिस रिमांड मांगी है। पति समर्थ सिंह की पहली रिमांड अवधि आज समाप्त हो रही थी। वहीं रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को गुरुवार को लंबी पूछताछ के बाद अरेस्ट किया गया था।
आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर सच उगलवाएगी सीबीआई
जांच एजेंसी अब दोनों मुख्य आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर कड़ी पूछताछ करने की बड़ी तैयारी में है। सीबीआई इस हाई प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए आधुनिक ‘टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन’ तकनीक का सहारा ले रही है। इसके तहत पूरी घटना का वर्चुअल रीक्रिएशन किया जा रहा है।
साइबर सेल की टीम ट्विशा के आखिरी घंटों का मिनट-टू-मिनट ब्योरा खंगाल रही है। फॉरेंसिक टीम डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स, टावर लोकेशन और घटनास्थल से छेड़छाड़ के तकनीकी सबूतों की बारीकी से पड़ताल कर रही है। इससे कई सफेदपोश लोगों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
शादी के महज पांच महीने बाद फंदे पर झूला शव
नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय मशहूर एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की शादी पांच महीने पहले 9 दिसंबर 2025 को हुई थी। इसके बाद 12 मई 2026 की रहस्यमयी रात को भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित ससुराल में उनका शव फंदे पर लटका मिला था।
इस दुखद घटना के बाद मृतका के परिजनों ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पति और सास पर दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और हत्या का केस दर्ज कराया है। शुरुआती पोस्टमॉर्टम में मृतका के शरीर पर चोटों के छह गहरे निशान मिले थे।
सीबीआई ने सबूत मिटाने के आरोपों के बाद संभाली कमान
ट्विशा के लाचार माता-पिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी के चरित्र पर झूठे कीचड़ उछाले जा रहे थे। सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने विदाई के समय दो लाख रुपये की अवैध नकद मांग की थी।
स्थानीय पुलिस पर शुरुआत से ही रसूखदार आरोपियों को बचाने और सबूत मिटाने में मदद करने के आरोप लगे थे। इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार की सिफारिश पर सीबीआई ने 25 मई को औपचारिक केस दर्ज कर तफ्तीश अपने हाथों में ले ली थी।
एम्स दिल्ली की टीम ने किया दूसरा पोस्टमॉर्टम
रहस्यमयी घटना की रात ससुराल वालों ने पुलिस को सूचना देने के बजाय कथित रूप से क्राइम सीन से छेड़छाड़ की थी। एम्स भोपाल की शुरुआती डॉक्टरों की टीम की रिपोर्ट पर परिजनों ने भारी असंतोष और गहरा संदेह जताया था।
इसके बाद हाईकोर्ट के कड़े आदेश पर एम्स दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने 24 मई को मृतका का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया था। परिजनों का यह भी बड़ा दावा है कि ट्विशा उस समय गर्भवती थीं, जिसकी पुष्टि नई फॉरेंसिक रिपोर्ट से होगी।
आरोपी पक्ष ने अवसाद को बताया था मौत की वजह
ट्विशा के बुजुर्ग पिता नवनीधि शर्मा ने रिटायर्ड जज सास की गिरफ्तारी पर न्याय व्यवस्था के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस बड़ी कार्रवाई से उनकी दिवंगत बेटी की भटकती हुई बेकसूर आत्मा को थोड़ी शांति जरूर मिलेगी।
दूसरी तरफ कानूनी शिकंजे में फंसे आरोपी पक्ष ने अभी तक इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। हालांकि गिरफ्तारी से पहले उन्होंने अदालत में ट्विशा को बाइपोलर डिसऑर्डर नाम की मानसिक बीमारी होने का खोखला दावा किया था, जिसे मायके वालों ने सिरे से खारिज कर दिया।
Author: Raj Thakur

